UP Police ने नाना पाटेकर को दी श्रद्धांजलि, DGP बोले- सिनेमा जगत को हुई अपूरणीय क्षति
पद्मश्री से सम्मानित दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार ने शोक जताया है। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णा ने नाना पाटेकर के निधन को अत्यंत दुखद बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि अपने सशक्त और बहुआयामी अभिनय से नाना पाटेकर ने भारतीय सिनेमा में विशिष्ट पहचान बनाई और दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी।
साइबर जागरूकता कार्यक्रम में पहुंचे थे नाना पाटेकर
डीजीपी राजीव कृष्णा ने नाना पाटेकर के साथ जुड़ी यूपी पुलिस की एक खास याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि UP Police की साइबर जागरूकता लघु फिल्म ‘Scam Files: Digital Arrest’ के लखनऊ में आयोजित लोकार्पण समारोह में नाना पाटेकर गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे थे। यह कार्यक्रम 14 अगस्त को आयोजित किया गया था।
वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ प्रस्तुति रही यादगार
डीजीपी ने कहा कि साइबर जागरूकता से जुड़े इस कार्यक्रम में वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ नाना पाटेकर की प्रस्तुति बेहद यादगार रही। उन्होंने इसे नाना पाटेकर की अंतिम सार्वजनिक प्रस्तुतियों में से एक के रूप में स्मरणीय बताया। नाना पाटेकर के निधन पर डीजीपी ने कहा कि उनके जाने से सिनेमा और कला जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों और अभिनेता के असंख्य प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। दमदार संवाद अदायगी और सशक्त अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने गंभीर से लेकर अलग-अलग तरह के किरदारों को पर्दे पर जीवंत किया। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसकी अभिनय शैली की अपनी विशिष्ट पहचान थी। ॐ शांति।
बता दें कि नाना पाटेकर का निधन गुरुवार सुबह 5 बजे गोवा स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के बाद हुआ। उनके जाने के बाद उनके अभिनय के साथ-साथ कारगिल से जुड़ा यह अनसुना अध्याय भी एक बार फिर चर्चा में है।
पांच दशक का सफर, अभिनय के साथ समाजसेवा में भी पहचान
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ रंगमंच पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंकुश’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदारों को दर्शकों ने खूब पसंद किया। अभिनय के अलावा नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे। किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों, जल संरक्षण और सूखा प्रभावित परिवारों के लिए किए गए उनके कार्यों का भी नेताओं ने अपनी श्रद्धांजलि में उल्लेख किया। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसकी आवाज, संवाद अदायगी और अभिनय शैली लंबे समय तक दर्शकों की यादों में बनी रहेगी।



