हरियाणा

सुलह का फॉर्मूला किसानों को मंजूर, धरना हुआ खत्म, किसान नेता ने कहा- आंदोलन स्थल खाली हो जाएगा

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हरियाणा के करनाल में पिछले 6 दिनों से धरने पर बैठे किसानों ने आज अपना प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। किसानों और करनाल प्रशासन के बीच सहमति बन गई है। एक महीने में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जांच करेंगे। किसानों के दो परिवार वालों को नौकरी मिलेगी। हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के चीफ गुरुचरण सिंह चढ़ूनी ने कहा है कि हम सभी ने प्रशासन से बातचीत के बाद उनसे मिले आश्वासन के बाद अपना धरना खत्म करने का फैसला किया है।

सरकार और किसानों की बातचीत
पहला राउंड- 7 सितंबर
दूसरा राउंड- 8 सितंबर
तीसरा राउंड- 10 सितंबर

रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच
हरियाणा के करनाल में स्थानीय प्रशासन और किसान नेताओं की संयुक्त प्रेस वार्ता में अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व एसडीएम आयुश सिन्हा इस दौरान छुट्टी पर रहेंगे। हरियाणा सरकार मृतक किसान सतीश काजल के 2 परिवारजनों को करनाल ज़िले में डीसी रेट पर सेंक्शन पोस्ट पर नौकरी देगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि कल की वार्ता सकारात्मक वातावरण में हुई। आम सहमति से निर्णय हुआ है कि सरकार 28 अगस्त को हुए घटना की हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच करवाएगी। जांच 1 महीने में पूरी होगी।

किसान नेता बोले- ये हमारी जीत है
करनाल में प्रशासन, किसान नेताओं की संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि आज यहां संयुक्त मोर्चे की बैठक करने की जरूरत नहीं है। हम 1 नौकरी मांग रहे थे। कल हमने 2 मांगी। एक हफ्ते में 2 नौकरियां मिल जाएंगी। एसडीएम जबरन छुट्टी पर रहेंगे। उसके बाद उनपर अलग एफआईआर दर्ज़ होगी। चढूनी ने कहा कि आज आंदोलन स्थल खाली हो जाएगा। इस पर हमने सभी लोगों की राय ले ली है। सभी ने अपनी सहमति जताई है। संयुक्त मोर्चे की बैठक अब यहां नहीं दिल्ली में होगी। दिल्ली का आंदोलन वैसे ही जारी रहेगा। हमारी तरफ से ये किसानों की जीत है।

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