सुलतानपुर समेत हर जिले में गोवंश के लिए बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम, हादसे में घायल होने पर मिलेगा तुरंत इलाज
हादसों में घायल गोवंश को अब तत्काल उपचार दिलाने के लिए प्रदेश के हर जिले में आपातकालीन बचाव एवं त्वरित उपचार व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गो सेवा आयोग के पदाधिकारियों के साथ बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने गोवंश के स्वास्थ्य, गोशालाओं के प्रबंधन और संरक्षण की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
पंचगव्य चिकित्सा पर होगा वैज्ञानिक शोध
मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा तथा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, लखनऊ में पंचगव्य आधारित चिकित्सा की संभावनाओं पर शोध को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लम्पी और खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए समयबद्ध टीकाकरण और बीमारी की स्थिति में तत्काल उपचार सुनिश्चित करने को कहा।
गोशालाओं में नियमित निरीक्षण
योगी ने कहा कि गोशालाओं का निरीक्षण केवल कमियां गिनाने तक सीमित न रहे, बल्कि उनका समयबद्ध समाधान भी कराया जाए। गोवंश के भरण-पोषण, साफ-सफाई, हरे चारे, भूसे, पेयजल और आश्रय की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। नर, मादा, बीमार और युवा गोवंश की जरूरत के अनुसार अलग-अलग देखभाल पर भी जोर दिया।
गो आधारित उत्पादों से रोजगार पर जोर
सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ, किसानों और गोपालकों को गोबर-गोमूत्र आधारित उत्पादों के निर्माण, पैकेजिंग, मूल्यवर्धन और विपणन से जोड़ने की तैयारी कर रही है। जैविक खाद, जीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट नियंत्रक और बायोगैस जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर है। स्थानीय किसानों के जरिये चारा उत्पादन बढ़ाने और गोचर-चारागाह विकसित करने पर भी चर्चा हुई।



