राष्ट्रीय

मुख्यमंत्री ने मेरठ, वाराणसी और प्रयागराज मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर मेरठ, वाराणसी तथा प्रयागराज मण्डल के जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्याें की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री जी ने एक-एक कर जनपद मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलन्दशहर, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चन्दौली, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर एवं प्रतापगढ़ जिलों से आये सांसद व विधायकगण से उनके क्षेत्र की विकास योजनाओं की जानकारी ली और आवश्यकतानुसार दिशा निर्देश भी दिये। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने नवीन विकास कार्याें के बारे में क्षेत्रीय जनआकांक्षाओं से अवगत कराया और इस सम्बन्ध में अपने प्रस्ताव भी दिये। मुख्यमंत्री जी ने सांसद और विधायकगणों के इन प्रस्तावों पर तत्काल कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 10 से 12 फरवरी को यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। समिट से पहले दुनिया भर के निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश का आमंत्रण देने की कार्ययोजना को आशातीत सफलता मिली है। जी0आई0एस0-2023 ऐतिहासिक होने जा रहा है। व्यापक निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी और घरेलू निवेशक रोड शो से प्रेरणा लेते हुए अनेक जनपदों में जिला स्तर पर निवेशक सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं और हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। ऐसे ही प्रयास जनपद मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर और बुलन्दशहर में भी किये जाने चाहिए। जहां आयोजन हो चुका है, वहां भी नए निवेशकों से बातचीत की जारी रखी जानी चाहिए। आज प्रदेश के हर जिले में निवेश आ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 फरवरी, 2023 से प्रारम्भ हो रहे यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के मुख्य समारोह से सभी जनपदों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का मार्गदर्शन सभी को प्राप्त होगा। इस आयोजन में स्थानीय निवेशकों, उद्यमियों को आमंत्रित करें। उन्होेंने कहा कि जनपदीय निवेशक सम्मेलन के आयोजन के लिए सांसद के नेतृत्व में विधायकगण कमान संभालें तथा जिला प्रशासन, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, इन्वेस्ट यू0पी0 और मुख्यमंत्री कार्यालय से सहयोग लें। अपने क्षेत्र के उद्यमियों, व्यापारियों और प्रवासीजनों से संवाद संपर्क बनाएं। उन्हें प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों, सेक्टोरल पॉलिसी की जानकारी दें। अपने क्षेत्र के पोटेंशियल का परिचय दें और निवेश के लिए प्रोत्साहित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के ‘ट्रेड, टेक्नोलाॅजी और टूरिज्म’ मंत्र को आत्मसात कर उत्तर प्रदेश समृद्धि के नए सोपान चढ़ रहा है। बेहतर कानून-व्यवस्था तथा नीतिगत सुधारों के माध्यम से आज देश-दुनिया में निवेश का श्रेष्ठतम गंतव्य बनकर उभरा है। इस माहौल को और बेहतर बनाने में जनप्रतिनिधियों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से वाराणसी नेचर, कल्चर और एडवेंचर का संगम बन रहा है। रोड से लेकर ट्रीटमेंट प्लांट, नेक्स्ट जेनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर ट्रांसपोर्ट फैसिलिटीज तक, रुद्राक्ष कनवेंशन सेंटर से लेकर सिटी कमाण्ड के जरिए ट्रैफिक मैनेजमेंट तक, अण्डरग्राउण्ड केबलिंग से लेकर कार्गो सेण्टर तक, वाराणसी अधुनातन विकास के नए मानक गढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनपुर, गाजीपुर एवं चन्दौली जिलों में भूमि की पर्याप्त उपलब्धता है। यहां पूरा क्षेत्र उर्वर है और कुशल मानव पूंजी से समृद्ध है। यहां औद्योगिक विकास की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर आज प्रयागराज में माघ मेले में डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों ने संगम स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं व संतजनों पर पुष्प वर्षा भी की गई।  अब सभी को कुम्भ-2025 को ध्यान में रखकर कार्य करना है। जनप्रतिनिधियों को इसमें बड़ी भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संगमनगरी प्रयागराज में ‘ईज आफ लिविंग’ के मानकों के साथ आधुनिक नगरीय विकास के सभी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रयागराज में मेट्रो के लिए सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है। बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए यहां पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की गई है। आस्था का सम्मान करते हुए श्रृंगवेरपुर में पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी आकार दिया जा रहा है। जनपद फतेहपुर में मेडिकल कॉलेज खुला है। इन सबका लाभ आम आदमी को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में मेरठ मण्डल की प्रभावी भूमिका है। यहां राष्ट्रीय राजधानी से भौगोलिक निकटता का लाभ तो है ही, बेहतर कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, सुदृढ़ कानून व्यवस्था मेरठ मण्डल को हर उद्यमी की पहली पसंद बनाती है। यहां हर जनपद में कुछ न कुछ खास है। हर सेक्टर के लिए संभावनाएं हैं। इसकी पहचान और प्रोत्साहन आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में आप सभी अपने-अपने क्षेत्रों के ब्रांड एम्बेसेडर हैं। क्षेत्रीय विशिष्टताओं से देश-दुनिया को परिचय कराने के लिए आपको सतत प्रयास करना होगा। हमारे गांवों में मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता है। यहां प्रचुर मात्रा में उर्वर भूमि भी उपलब्ध है। हमें इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनपद मेरठ में प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय निर्माणाधीन है। जेवर में एशिया का सबसे बड़ा अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बन रहा है। रैपिड रेल का ट्रायल हो चुका है। दादरी में मल्टी मोडल लाॅजिस्टिक्स हब (एम0एम0एल0एच0) एवं बोराकी में मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब (एम0एम0टी0एच0) भी विकसित किया जा रहा है। जिससे औद्योगिक विकास के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर और बेहतर होगा तथा रोजगार के अनेक नए अवसर सृजित होंगे, जिसका लाभ हमारे युवाओं को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इण्डस्ट्री के लिए बिजली प्राथमिक आवश्यकता है। प्रदेश सरकार ने उद्योगों की जरूरत को देखते हुए ओपन एक्सेस की व्यवस्था दी है। उद्यमी कहीं से भी बिजली ले सकता है। इसके अलावा, व्यावहारिक सौर ऊर्जा नीति भी लाई गई है। कई बड़े उद्योग समूहों ने हमारी इस नीति से प्रभावित होते हुए निवेश का प्रस्ताव दिया है। सांसद व विधायकगण को भी इन नीतियों से उद्योग जगत को अवगत कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि विगत साढ़े पांच-छह वर्षांे में गन्ना किसानों को 1.88 लाख करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। समयबद्ध भुगतान सरकार की प्राथमिकता है। रमाला (बागपत) चीनी मिल फिर से चलाई गई है। क्षेत्रीय आवश्यकता के दृष्टिगत नई चीनी मिलें स्थापित की गईं हंै। पुरानी मिलों की क्षमता वृद्धि और आधुनिकीकरण का कार्य हो रहा है। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह कार्य आगे भी जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा आज दुनिया के प्रत्येक देश में हैं। यह एन0आर0आई0 युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का लाभ उत्तर प्रदेश को देने को उत्सुक हैं। इन युवाओं को हमें अवसर उपलब्ध कराना होगा। कई देशों में उत्तर प्रदेश के प्रवासियों ने संगठन भी बनाया है। जनप्रतिनिधियों को इन संगठनों से सतत संवाद-संपर्क बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसद-विधायकगण प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीतियों का व्यापक प्रचार प्रसार करें। स्थानीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों, पाॅलिटेक्निक और आई0टी0आई0 में युवाओं के बीच इन पर परिचर्चा कराई जाए। जनप्रतिनिधिगण इन कार्यक्रमों में प्रतिभाग करें। जनप्रतिनिधिगण क्षेत्र में संचालित विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करते रहें। यह योजनाएं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की छवि निर्माण में सहायक हैं। गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने में जनप्रतिनिधियों को योगदान करना होगा।

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