
खड़े होकर पानी पीने से सेहत को होता है नुकसान? जानिए कब और कैसे पिएं पानी
पानी पीना हमारे फिट रहने के लिए बहुत जरूरी होता है। हमेशा कहा जाता है कि अगर हम प्रचुर मात्रा में पानी पीते हैं तो शरीर की आधी परेशानियां ठीक हो जाती है। हमारी बॉडी से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने पोषक तत्वों को बॉडी में लाने का काम पानी ही करता है। कमी की कमी से शरीर में कई रोग भी हो जाते है।
आयुर्वेद में भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के कई फायदे बताए गए है। लेकिन इसके साथ ही ये भी साफ किया गया है। कि हम किस तरह से पानी पिए। अगर हम ठीक तरह से पानी का सेवन नहीं करते है।तो भी शारीरिक परेशानियां हो जाती है। इतना ही नहीं गलत तरीके से पानी पीने से सबसे पहले डाइजेशन बिगड़ता है।
कैसे कम पानी पीने से कैसे बिगड़ता है डाइजेशन
बॉडी के पोषक तत्वों के लिए भोजन का सही डाइजेशन बहुत जरूरी है। उसमें पानी का योगदान अहम होता है। आपको बता दें अगर आप खाना काने से ठीक पहले या फिर खाने के बीच में पानी पाते है। तो इससे आपका डाइजेशन खराब हो सकता है। यही कारण है कि आयुर्वेद के अनुसार ऐसा माना गया है। कि अगर हम ऐसा तरह है।
तो पेट पर इसका सीधा बुरा असर होता है। क्योंकि पानी में शीतल तत्व है। और उदर में अग्नि यानी ताप होता है। ऐसे में खाने के समय पानी अग्नि को शांत कर सकता है। जिससे खाने की शक्ति कम होती है और मोटापा भी बढ़ता है। इतना ही नहीं खाने के बाद भी करीब आधे घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए।
पानी पीते वक्त इन अहम बातों का हमेशा रखें ख्याल
कभी भी एक साथ में ढेर सारा पानी ना पिए। हमेशा थोड़ा कर-करके पानी ही पिएं। खाना खाने से ठीक पहले या बाद में कभी पानी ना पिए। यह गैस्ट्रिक जूस को पतला कर सकता है। जिससे पाचन समस्या हो जाती है।
आपको अगर प्यास लगी है तोखाने से 30 मिनट पहले और खाने के 30 मिनट बाद ही पानी को पिएं। अगर खाना खाते समय बहुत प्यास लगे तो केवल 1, 2 घूंट ही पानी पीना चाहिए। भोजन के सही डाइजेशन के लिए जहां तक को गर्म पानी पिएं। ठंडे पानी की तुलना में गर्म पानी अधिक हाइड्रेटिंग होता है।
खड़े होकर पानी आखिर क्यों नहीं पीना चाहिए
हम से अधिकतर लोग भागदौड़ में लगे रहते है। और जल्दबाजी के चक्कर में वह पानी भी खड़े होकर पीते है। लेकिन आपको बता दें कि खड़े होकर पानी पीना आपसी सेहत खराब करता है।खड़े होकर पानी पीते समय वाटर अचानक से सिस्टम से होकर गुजरता है।
और कोलन में पहुंच जाता है। इससे धीरे-धीरे पीने से द्रव शरीर के सभी अंगों तक पहुंच जाता है। इससे ये गुर्दे और मूत्राशय से विषाक्त पदार्थों का जमा करता है जो बाद में सेहत को नुकसान पहुंचाता है। इतना ही नहीं खड़े होकर पानी पीने वालों को घुटनों के दर्द की समस्या भी ज्यादा होती है।



