उत्तर प्रदेशफ्लैश न्यूज

सरकार कमजोर न समझे, छाती पर गोली खाएंगे, पीठ पर नहीं : नरेश टिकैत

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

मुजफ्फरनगर : भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के भावुक बयान के बाद अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान भी भावात्मक रूप से किसान आंदोलन का हिस्सा बन गया है. वहीं भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि किसान महापंचायत में केंद्र सरकार के खिलाफ उमड़े जनसैलाब ने एक बार फिर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत बाबा के सपनों को साकार कर दिया है.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों को कमजोर न समझे, हम अपने हक के लिए गोली खाने को भी तैयार हैं. सरकार ये जान ले कि हम पीछे हटने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हम छाती पर गोली खाएंगे, पीठ पर नहीं. इतना ही नहीं नरेश टिकैत ने कहा कि इस सरकार में राजनाथ सिंह जैसे नेताओं की भी तौहीन हो रही है.

सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी

भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि पुलिस किसानों को कुछ असामाजिक तत्वों को साथ लेकर पीट रही है. पुलिस ने किसान का पहले तो विरोध नहीं किया था. हमारी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं, जबकि हम उसका पैसा दे रहे हैं. वहीं आंदोलन में राजनीतिक दलों के शामिल होने के सवाल पर कहा कि राजनीतिक दलों को तो आगे आना ही पड़ेगा. हमारा संगठन तो अराजनीतिक है पर राजनीतिक दलों का तो काम है सरकार गलत काम के खिलाफ आवाज उठाना. भाजपा भी तो राजनीति कर रही है, वह एक तीर से कितने निशाने साध रहे हैं, लेकिन इस बार भाजपा की तानाशाही नहीं चलेगी.

छाती पर गोली खाएंगे, पीठ पर नहीं

नरेश टिकैत ने कहा कि पुलिस वाले भी हमारे साथ हैं, 200 लोग इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं. अगली कोई सरकार आएगी उन्हें बहाल कर देगी. पूरे देश का किसान आज हमारे साथ है, हम जो चाहेंगे कर देंगे, सरकार हमें कमजोर न समझे. हम छाती पर गोली खाने के लिए तैयार हैं, पीठ पर नहीं. उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर इन्हें शक्ति प्रदर्शन करना है तो एक मैदान में यह अपने लोग इकट्ठे कर लें, अगले दिन उसी मैदान में हम अपनी पंचायत कर लेंगे. देखते हैं किसमें ज्यादा लोग इकट्ठा होते हैं.

कृषि बिल को वापस लेकर माफी मांग ले सरकार

भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार इस बिल को दबा दे, इसे छेड़े मत. यह वो आग है जो बहुत नुकसान कर देगी. उन्होंने कहा कि अगर यह सरकार इस बिल को वापस भी कर ले तब भी कुछ बिगड़ेगा नहीं. सरकार बस माफी मांग ले और यह कह दे की भूल हो गई. बाद में जब सरकार आएगी तो यह संशोधन पर चर्चा होगी.

राजनाथ सिंह की तौहीन

उन्होंने कहा कि इस सरकार के कुछ लोग भी किसानों के साथ हैं. राजनाथ सिंह जैसे लोगों की भी मोदी सरकार में तौहीन हो रही है. जो हमारे सांसद हैं, उनके भी बस का कुछ नहीं है, वह भी डरे हुए हैं. हालांकि उनकी भी किसानों के प्रति पूरी सहानुभूति है.

राज्‍यों से जुड़ी हर खबर और देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए नार्थ इंडिया स्टेट्समैन से जुड़े। साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप को डाउनलोड करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button