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मोदी सरकार के ‘मिस्टर डिपेंडेबल’, आखिर क्यों धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे? वजह समझिए!

26 दिनों का सोनम वांगचुक का ऐतिहासिक अनशन जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों का सड़क पर गूंजता विरोध और संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष का तीखा हमला। पूरे देश में सिर्फ एक ही मांग गूंज रही थी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। लेकिन इतना भारी जन आक्रोश इतनी राजनीतिक दबाव और नीट यूजी 2026 पेपर लीक का इतना बड़ा घोटाला होने के बावजूद मोदी सरकार ने अपनी मंत्री का इस्तीफा आखिर क्यों नहीं लिया? क्या यह सरकार की कोई बहुत बड़ी मजबूरी है? या फिर इसके पीछे छिपा हुआ है पीएम मोदी का वो सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक जिसे समझ पाना आसान बिल्कुल नहीं होगा। आपको बता दें धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी के एक बेहद प्रभावशाली राष्ट्रीय नेता हैं जो मूल रूप से उड़ीसा के तालचर के रहने वाले हैं। वर्तमान में वो देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और लोकसभा में ओसा की संभलपुर संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। अब चलिए आपको बताते हैं कि राजनीतिक विश्लेषक ने क्या वजह बताई है जिससे यह साबित होता है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा शायद ना दें। सबसे पहली और सबसे बड़ी वजह है गलती स्वीकार करने का डर। अगर सरकार धर्मेंद्र प्रधान से आज इस्तीफा ले लेती है तो विपक्ष और जनता के बीच सीधा यह संदेश जाएगा कि सरकार ने नीट पेपर लीक में अपनी पूरी गलती और नाकामी को स्वीकार कर लिया है। मोदी सरकार कभी भी बैकफुट पर दिखाने वाली छवि नहीं बनाना चाहती। इसीलिए इस्तीफे की जगह सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, दोषियों पर सख्त कारवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट के दांव खेलकर मुद्दे को घुमाने की रणनीति अपनाई है।

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