
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा- साझी संस्कृति और बौद्ध विरासत से यूपी-जापान रिश्तों को मिलेगी नई ऊंचाई
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि भारत और जापान को जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी दोनों देशों की साझा संस्कृति और बौद्ध विरासत है। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश अब जापान के साथ सहयोग को रोजगार, निवेश, वेलनेस टूरिज्म, खेल पर्यटन और व्यंजन संस्कृति तक विस्तार दे रहा है। बुधवार को पर्यटन एवं सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने के लिए यामानाशी प्रांत से आए जापानी प्रतिनिधिमंडल और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई।
बैठक की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने की। बैठक के बाद जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन और संस्कृति केवल यात्रा तक सीमित नहीं, बल्कि यह दीर्घकालिक और स्थायी साझेदारी की मजबूत नींव रखते हैं।
उत्तर प्रदेश में सारनाथ, कुशीनगर और कपिलवस्तु जैसे विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्थल मौजूद हैं, जिससे यह प्रदेश वैश्विक बौद्ध पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में उत्तर प्रदेश ऐसा एकमात्र क्षेत्र है जहां भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े सभी प्रमुख स्थल एक ही राज्य में स्थित हैं।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि अप्रैल या मई में जापान में ‘यूपी फेस्टिवल’ आयोजित करने की संभावना है, जिससे जापानी नागरिकों को उत्तर प्रदेश की संस्कृति, विरासत और पर्यटन संभावनाओं से रूबरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल दोनों देशों के बीच जनसंपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।
बैठक में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने वेलनेस, व्यंजन आधारित पर्यटन, खेल पर्यटन और लर्निंग टूरिज्म की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। वहीं यामानाशी प्रांत के उप-राज्यपाल जुनिची इशिडेरा ने बताया कि दिसंबर 2024 में हुए एमओयू के बाद से दोनों पक्षों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगस्त में 200 सदस्यीय जापानी प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश आएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति मिलेगी।



