
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक: इन मुद्दों पर रहेगा जोर, 10 साल बाद अरब लीग के सदस्य देश लेंगे हिस्सा
भारत शनिवार को यहां भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक की मेज़बानी करेगा जिसमें सभी 22 अरब देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यहां बताया कि इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात करेंगे। इसमें अरब लीग के सदस्य देशों के विदेश मंत्री तथा अरब लीग के महासचिव भाग लेंगे। दोनों पक्षों की दूसरी बैठक दस वर्षों के अंतराल के बाद हो रही है।
पहली बैठक 2016 में बहरीन में हुई थी। पहली बैठक के दौरान मंत्रियों ने सहयोग के पाँच प्राथमिक क्षेत्रों-अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति-की पहचान की थी तथा इन क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों का प्रस्ताव रखा था। आगामी बैठक से मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और भारत-अरब साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यापक बनाने की अपेक्षा है।
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक भारत और अरब देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने वाली सर्वोच्च संस्थागत व्यवस्था है। इस साझेदारी को मार्च 2002 में औपचारिक रूप दिया गया, जब भारत और अरब लीग के बीच संवाद प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
इसके बाद दिसंबर 2008 में तत्कालीन अरब लीग महासचिव अमर मूसा की भारत यात्रा के दौरान अरब-भारत सहयोग मंच की स्थापना के लिए एक सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जिसे 2013 में इसकी संरचनात्मक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संशोधित किया गया। भारत, 22 सदस्य देशों वाले पैन-अरब संगठन अरब लीग में पर्यवेक्षक है।
यह पहली बार होगा जब भारत भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक की मेज़बानी करेगा। इस बैठक में सभी 22 अरब देशों की भागीदारी होगी, जिनका प्रतिनिधित्व विदेश मंत्रियों, अन्य मंत्रियों, राज्य मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा अरब लीग सचिवालय द्वारा किया जाएगा। बैठक से पहले शुक्रवार को भारत-अरब वरिष्ठ अधिकारियों की चौथी बैठक होगी।



