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SIR पर चर्चा को लेकर अड़ी कांग्रेस, कहा- मांग से कोई समझौता नहीं करेगा विपक्ष

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 कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसएआईआर) पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा की मांग से विपक्ष कोई समझौता नहीं करेगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि एसएआईआर के माध्यम से “वोटबंदी और वोटचोरी” की साजिश रची गई है।

रमेश ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा , “राज्यसभा में सभापति का पद एक सतत संस्था है, इस पर कौन बैठा है इससे अंतर नहीं पड़ता है। कल राज्यसभा के उपसभापति ने यह निर्णय दिया कि 14 दिसंबर 1988 को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष ने कहा था कि चुनाव आयोग से जुड़ा कोई भी विषय संसद में चर्चा योग्य नहीं है, इसलिए इस पर चर्चा नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा , ‘‘मोदी सरकार द्वारा ही बनाए गए राज्यसभा के सभापति (धनखड़) ने 21 जुलाई 2023 को स्पष्ट रूप से निर्णय दिया था कि ‘राज्यसभा इस धरती पर मौजूद किसी भी विषय पर चर्चा करने के लिए अधिकृत है, बस एक अपवाद को छोड़कर।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि ‘यह एकमात्र प्रतिबंध’ न्यायाधीशों के आचरण से संबंधित है, वह भी केवल तभी जब उनका निष्कासन का प्रस्ताव लंबित हो।” उनके अनुसार, धनखड़ ने यह भी कहा था कि अदालत में विचाराधीन मामले की अवधारणा पूरी तरह से गलत तरीके से समझी गई है।

रमेश ने कहा, “विपक्ष को बार-बार यह याद दिलाया जाता है कि संसद की कार्यवाही नियमों और परंपराओं पर चलती है तो फिर 21 जुलाई 2023 को राज्यसभा के सभापति द्वारा दिए गए इस निर्णय की जानबूझकर अनदेखी क्यों की जा रही है?” उन्होंने कहा, ‘‘पूरे विपक्ष की यह मांग कि बिहार में चुनाव आयोग के माध्यम से ‘‘जी2’’ द्वारा रची जा रही वोटबंदी और वोटचोरी की साजिश – जिसे अब पश्चिम बंगाल, असम और अन्य राज्यों में दोहराया जाना है, पर लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा हो। दोनों सदनों में इस मांग से कोई समझौता नहीं होगा।

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