अगर सही में ऐसा ही हाल शेयर मार्केट (Stock market) का रहता है तो समझिये मोदी जी का बजट कारगर है। इसी के साथ यदि ब्याज की दरें भी बढ़ती हैं और लैंडिंग रेट भी बढ़ते हैं तो समझिये जनता का भला हो सकता है, वरना समझिये जनता को दुख और तकलीफ के सिवाय कुछ नसीब होने वाला नहीं।
29 सितंबर 2016: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बाद 29 सितंबर को बाम्बे स्टॉक एक्सचेन्ज का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 500 अंक तक टूट गया। इस दिन बाजार 300 से 500 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करता रहा। इसकी वजह 28 सितंबर 2016 को इंडियन आर्मी की ओर से पाकिस्तानी जमीन पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक को बताया गया था।
8 नवंबर 2016: 8 नवंबर 2016 को मोदी सरकार ने कालेधन के खिलाफ नोटबंदी जैसा बड़ा कदम उठाया। इस कदम का असर भारतीय शेयर बाजार (Stock market) पर भी देखने को मिला। 9 नवंबर 2016 को बाम्बे स्टॉक एक्सचेन्ज के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 1689 अंकों तक की गिरावट देखने को मिली।
यह बीते 15 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट थी। ध्यान रहे नोटबंदी के फैसले के कारण बाजार में प्रचलित 86 फीसद करेंसी (500 और 1000 के नोट) अमान्य कर दी गई थी।
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