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IIT के विशेषज्ञ बनेंगे संस्कृत के छात्र, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में लगाया जाएगा समर कैंप

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केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और हैदराबाद आईआईटी मिलकर पारंपरिक संस्कृत अध्ययन को आधुनिक विषयों के दृष्टिकोणों के साथ जोड़कर छात्रों को अपग्रेड करेंगे। इसके लिए आगामी 2 से 22 जून तक 21 दिवसीय ग्रीष्मकालीन स्कूल कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ के निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को अनुसंधान संवर्धन, समस्या-आधारित शिक्षण, तकनीकी लेखन और परियोजना-आधारित अनुसंधान पर केंद्रित कार्यशालाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा उन्हें संस्कृत ज्ञान को समकालीन संदर्भों में व्यक्त करने हेतु कोडिंग, डिजिटल मीडिया प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक लेखन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा

21 दिवसीय कार्यशाला में जीवन कौशल और नेतृत्व विकास पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिनमें टीम निर्माण, संचार कौशल और समय प्रबंधन छात्रों को बताया जाएगा। कार्यक्रम में इंटरैक्टिव सत्र और कार्यशालाएं प्रतिभागियों को आधुनिक शोध पद्धतियों को समझने में सहायक होंगी। आईकेएस प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. डी. दयानाथ ने बताया कि इस ग्रीष्मकालीन स्कूल में स्नातकोत्तर छात्र, शोधार्थी और संकाय सदस्य (अतिथि, अनुबंध संकाय सहित सहायक प्रोफेसर) प्रतिभागी के रूप में भाग लेंगे। प्रतिभागियों की संख्या 40 तक सीमित होगी और उनका चयन लेखन कौशल परीक्षण एवं साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों के भोजन और आवास की व्यवस्था आईआईटी हैदराबाद के द्वारा की जाएगी। ग्रीष्मकालीन स्कूल कार्यक्रम में आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल निर्धारित की गई है।

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