
RSS शताब्दी वर्ष: हिंदू सम्मेलन में बोले चंपत राय, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहकर विश्वगुरु बनेगा भारत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत बुधवार को महर्षि नगर में हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए कहा कि डॉक्टर हेडगेवार द्वारा स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी स्वयंसेवकों ने स्वदेश प्रेम के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने बताया कि महापुरुषों से प्रेरणा लेते हुए देश के उत्थान के लिए संगठित होकर सक्रियता से कार्य करने की आवश्यकता है।
समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहकर भारत विश्वगुरु बनेगा। यदि हम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भूले तो सनातन कमजोर हो जाएगा। उन्होंने लोगों से अपनी जड़ों की ओर लौटने और गौरवशाली सनातन संस्कृति को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी जड़ों को मजबूत रखना है, सदैव उससे स्वयं को संबद्ध रखना है। उन्होंने समाज में आ रही बुराइयों को भी चुनौतियों के तौर पर लेने का आह्वान करते हुए कहा कि हमें अपनी धरोहर को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ना है। हमें भारत को प्रगति पर ले जाना है।
भारत को नुकसान पहुंचाने वाली शक्तियां कभी भारत माता की संतान कही जाने का हक नहीं रखती। उन्होंने कहा कि हिंदू जनमानस को संगठित होकर सक्रियता के साथ देश के विकास में भागीदारी करनी होगी। हमें अपने पूर्वजों, महापुरुषों, धार्मिक ग्रंथों के विचारों के साथ आने वाली पीढ़ी को भारत के लिए तैयार करना है। यदि हम संगठित हो जाएं तो भारत फिर से सोने की चिड़ियां कहलाएगा।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक ढांचा नहीं, बल्कि हिंदू समाज के सदियों के संघर्ष, अटूट आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन ने जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त कर समाज को एकजुट करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। विशिष्ट अतिथि स्वामी चेतनानंद एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता योगेंद्र सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। भारत माता की आरती के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस मौके पर जिला प्रचारक रवि प्रकाश, जिला कार्यवाह सुधीर, सहजिला कार्यवाह पारितोष, विभम, अमितेश, राजीव खरे, मयंक, उदय, जयशिव मौजूद रहे।



