जन संसद

RLD ने काॅम्पैक्ट केन एरिया नीति का किया विरोध

RLD (राष्ट्रीय लोकदल)  के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद ने कहा, प्रदेश सरकार द्वारा घोषित काॅम्पैक्ट केन एरिया नीति किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली नीति है। जिससे किसानों में रोष व्याप्त है।

सरकार को चाहिए कि गन्ना किसानों को अपना गन्ना बेचने के लिए स्वतंत्र कर दिया जाए। किसान जिस मिल को अच्छा समझे वहां पर गन्ना बेच सके। और घटतौली अथवा बिचैलियों का शिकार होने से बच सके।

मसूद ने कहा, योगी सरकार के छह माह पूरे हो चुके हैं। परन्तु अब तक गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान नहीं हो पाया है। और न ही सरकार गन्ना किसानों को राहत पहुंचाने के लिए ठोस कारगर कदम उठा रही है।इससे प्रतीत होता है कि योगी सरकार केवल लच्छेदार कार्यक्रमों को पेश करके किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है। वास्तविकता यह है कि किसानों की समस्या से इनका कोई लेना देना नहीं है।
लखनऊ में ज्ञापन सौंपते रालोद पदाधिकारी

डाॅ0 मसूद ने कहा, आगामी 10 अक्टूबर को बस्ती, 12 अक्टूबर को मेरठ, 15 अक्टूबर को इलाहाबाद तथा 31 अक्टूबर को गोरखपुर में रालोद कार्यकर्ताओं एवं किसान भाइयों के मिले-जुले सम्मेलन आयोजित किये जाएंगे। जिनमें मुख्य अतिथि राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयन्त चौधरी होंगे। इन सम्मेलनों में किसानों एवं खेतिहर मजदूरों की लड़ाई लड़ने की रणनीति प्राप्त सुझावों के आधार पर तय की जायेगी।

मसूद ने बताया कि, RLD पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओ ने आज प्रदेशभर में काॅम्पैक्ट केन एरिया नीति के विरोध एवं गन्ना किसानों की अन्य समस्याओं के निदान के लिये राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। लखनऊ में ज्ञापन देने वालों में महानगर अध्यक्ष महबूब आलम, बीएल प्रेमी, रमावती तिवारी, पवन यादव, संजय मिश्रा एडवोकेट सहित अन्य RLD कार्यकर्ता मौजूद थे।

– NIS लखनऊ ब्यूरो

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