
बदला, सम्मान और फाइनल का टिकट, Team India के सामने England की ‘अग्निपरीक्षा
लगभग चार दशक पहले, इंग्लैंड ने खचाखच भरे वानखेड़े स्टेडियम में भारत को विश्व कप के सेमीफाइनल से बाहर करके सन्नाटा छा दिया था। गुरुवार की रात, उसी मैदान पर इस प्रतिद्वंद्विता का एक और अध्याय रचा जाएगा, जब मौजूदा चैंपियन भारत पुरुष टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ेगा और विजेता फाइनल में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा। वानखेड़े जैसा भारतीय क्रिकेट के भावनात्मक उतार-चढ़ाव को शायद ही कोई और मैदान इतनी अच्छी तरह से दर्शाता हो। लाखों प्रशंसकों के लिए, यह मैदान खेल की सबसे यादगार यादों में से एक का गवाह है – गौतम गंभीर की जुझारू 97 रनों की पारी और एमएस धोनी का अविस्मरणीय छक्का जिसने 2011 वनडे विश्व कप में भारत को जीत दिलाई थी। लेकिन इस मैदान ने दिल तोड़ने वाले पल भी देखे हैं।
कपिल देव की टीम ने 1987 विश्व कप के सेमीफाइनल में यहीं पर अपने खिताब का बचाव करने का प्रयास विफल होते देखा था, जबकि लगभग तीन दशक बाद एमएस धोनी की टीम 2016 टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज से हार गई थी। सेमीफाइनल के सफर तक बीच में लडखडाने वाली भारतीय टीम को अब गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले टी20 विश्व कप के अंतिम चार के मुकाबले में इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजों की चुनौती का सामना करना होगा जिसमें दोनों टीम एक दूसरे पर अपनी श्रेष्ठ साबित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। टूर्नामेंट की शुरुआत में प्रबल दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम प्रतियोगिता में मजबूत टीमों के खिलाफ एक भी मैच में शानदार प्रदर्शन नहीं कर पाई। भले ही उसने ग्रुप चरण के अपने सभी मैच जीते लेकिन सुपर आठ में दक्षिण अफ्रीका से मिली करारी हार से उसकी कमजोरियां भी सामने आ गई। इसके बाद हालांकि भारतीय टीम ने लचीला दृष्टिकोण अपनाया जिससे वह सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही।
संजू सैमसन को पावरप्ले में बाएं हाथ के शीर्ष तीन बल्लेबाजों की मौजूदगी को खत्म करने के लिए फिर से अंतिम एकादश में जगह दी गई और उसका यह फैसला कारगर साबित हुआ। भारत के लिए पदार्पण करने के 10 साल से अधिक समय बाद सैमसन ने आखिरकार भारत की तरफ से अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रन की नाबाद पारी खेलकर बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ी। उस विशेष प्रदर्शन के बाद इस 31 वर्षीय खिलाड़ी का आत्मविश्वास चरम पर होगा और भारत को उम्मीद होगी कि सेमीफाइनल में इसका असर उनके सलामी जोड़ीदार अभिषेक शर्मा पर भी पड़ेगा। खेल में कब किसकी किस्मत चमकने लग जाए कहा नहीं जा सकता। विश्व कप से पहले अभिषेक अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में थे, जबकि सैमसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण अंतिम एकादश में अपनी जगह गंवानी पड़ी थी।
अब हालात बदल गए हैं और अभिषेक को आत्मविश्वास बढ़ाने वाली शानदार पारी की सख्त जरूरत है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने सुपर आठ में जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक तो बनाया, लेकिन अभी भी वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म से काफी दूर हैं। इंग्लैंड ने इन दोनों सलामी बल्लेबाजों के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रखी होगी। जोफ्रा आर्चर शरीर को निशाना बनाकर की गई शॉर्ट पिच गेंदों से सैमसन की परीक्षा ले सकते हैं, जिन्हें अतीत में इंग्लैंड के इस तेज गेंदबाज के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा है। दूसरी तरफ विल जैक्स पावरप्ले में अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी से अभिषेक को परेशान कर सकते हैं। बाएं हाथ के स्पिनर लियाम डॉसन ने भी शुरुआती छह ओवरों में गेंदबाजी की है। बीच के ओवरों में भारतीय टीम को आदिल राशिद के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। मंगलवार को तीन घंटे के अभ्यास सत्र में सलामी बल्लेबाजों और बाकी भारतीय बल्लेबाजों ने इन सभी चुनौतियों को ध्यान में रखा।
टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत के बाद ईशान किशन का प्रदर्शन फीका पड़ गया है और उन्हें फिर से बड़ी पारी खेलने की जरूरत है। कप्तान सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और हार्दिक पंड्या आईपीएल के अपने घरेलू मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। छोटी बाउंड्री वाले मैदान पर अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती की स्पिन जोड़ी के पास गलती की गुंजाइश नहीं होगी। वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कुछ महंगे साबित होने के बाद वरुण को लगातार सही लेंथ पर गेंदबाजी करनी होगी। जसप्रीत बुमराह हमेशा की तरह शानदार रहे हैं, लेकिन आखिरी पांच ओवरों में गेंदबाजों को थोड़ा और बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सूर्यकुमार किस तरह अपने गेंदबाजों का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि शिवम दुबे छठे गेंदबाजी विकल्प के रूप में बहुत सफल नहीं रहे हैं। कुलदीप यादव को टीम में रखना आकर्षक विकल्प रहा है, लेकिन भारत का अपनी अंतिम एकादश में फेरबदल करने की संभावना कम ही है।



