यदि यही घोटाला किसी प्राइवेट बैंक में हुआ होता तो सबसे पहले रिजर्व बैंक उसमें कूदता और उस बैंक के निदेशक मण्डल को भंग करके उसे अपने अधीन करने के साथ ही उस बैंक को किसी कामर्शियल बैंक में विलोपित करने में लग गया होता।
चूंकि PNB के एमoडीo और अध्यक्ष उससे कम नहीं हैं, इसलिए चुप्पी मारकर बैठा है। कोई भी रिजर्व बैंक पर उंगली उठाने वाला नहीं है, कि अबे सरदार तू क्या कर रहा है?
अपने भारत में बैंक गारंटी के तहत ग्राहकों को जमा पर कितनी राशि सुरक्षित है।
जानें क्या है बैंक गारंटी के तहत ग्राहक सुरक्षा और कौन देता है बैंक गारन्टी।
अगर किसी बैंक में आपने 10 लाख रुपये रखे हैं। किसी भी वजह से बैंक दिवालिया हो जाता है। जैसे कि इसी घोटाले के कारण और वह जमाकर्ताओं के पैसे चुकाने की स्थिति में नहीं रहता है।
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