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पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत, CM बोले- दिल्ली के मुकाबले में यूपी में कोरोना से हुई कम लोगों की मौत

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लखनऊ. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के डफरिन अस्पताल में पल्स पोलियो ड्रॉप पिलाकर अभियान की शुरुआत की. इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई है. डफरिन अस्पताल में अभियान की शुरुआत के बाद सीएम योगी ने लोगों को संबोधित भी किया.
सीएम योगी ने कहा, “हम सब जानते हैं कि थोड़ी सी लापरवाही कैसे बच्चे के भविष्य को खराब कर सकती है. पोलियो के ऐसे अनगिनत मामले हम सबको पहले देखने को मिले हैं, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन और उसके साथ यूनिसेफ जैसी संस्थाओं के सहयोग से भारत ने अपने देश की आबादी को पोलियो जैसी बीमारी से बचाने में बड़ी भूमिका निभाई है. ये दुनिया के अंदर बड़ा उदाहरण है.
योगी ने कहा कि देश में पोलियो का अंतिम मामला साल 2010 में देखने को मिला था. मार्च 2014 में भारत को पोलियो से मुक्त घोषित कर दिया गया, लेकिन क्योंकि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नाइजीरिया जैसे देशों में अभी पोलियो के कई मामले देखे जा रहे हैं. उसका संक्रमण भारत के अंदर यहां के बच्चों में ना फैले, इसीलिए ये अभियान अभी भी चलाए जाने की जरूरत है. इसी अभियान के क्रम में आज हम सब इस अभियान के साथ जुड़े हैं.”

“हर बच्चा राष्ट्र की अमूल्य धरोहर”

योगी ने आगे कहा कि कोई बच्चा भले ही किसी एक परिवार में पैदा हुआ है, लेकिन वो एक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है. एक स्वस्थ और सशक्त भारत के नर्माण के लिए हर नागरिक का स्वस्थ रहना आवश्यक है. इसके लिए समय-समय पर भारत सरकार के सहयोग से कई अभियान राज्य सरकार चलाती है. बीते एक साल से आपने इस बात को महसूस भी किया होगा. चिकित्सकों, हेल्थ वर्कर्स ने पिछले एक साल में ये साबित किया है कि भले के किसी परिस्थिति के कारण यूपी के अंदर हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बेकार रहा हो, लेकिन हमारा आत्मबल, टीम वर्क और दृढ़ इच्छा शक्ति हमें परिणाम देने में किसी से पीछे नहीं रखेगी.

“चार सालों में बनाए 30 मेडिकल कॉलेज”

योगी ने कहा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में बीते कुछ सालों के दौरान हमें हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्रदेश के अंदर मजबूत करने में सफलता मिली. आज उसका परिणाम है कि 1947 से लेकर 2016 तक प्रदेश में कुल 12 मेडिकल बने थे. बीते चार सालों में प्रदेश में 30 नए मेडिकल कॉलेज बना रहे हैं. यूपी के अंदर जब कोरोना का पहला केस आया था तब हमारे पास जांच की सुविधा नहीं थी. आज यूपी देश के अंदर रोजाना दो लाख तक टेस्ट करने में सक्षम है. प्रदेश के अंदर कोई भी जिला ऐसा नहीं है जहां कम से कम 10 वेंटिलेटर नहीं है.

दिल्ली से तुलना

योगी ने कहा कि दिल्ली के मुकाबले में यूपी में कोरोना से कम लोगों की मौतें हुई. उन्होंने कहा कि दिल्ली में सिर्फ पौने दो करोड़ की आबादी में साढ़े 10 हजार से ज्यादा मौतें हुई, जबकि 24 करोड़ वाले राज्य यूपी में साढ़े 8 हजार मौतें हुई. योगी ने कहा कि आबादी के मामले में यूपी दिल्ली से गई गुना बड़ा है, लेकिन मौत के आंकड़ें देखें तो पौने 2 करोड़ की आबादी वाली दिल्ली में जितनी मौतें हुई उससे कहीं कम यूपी हुई. उसको रोकने में हमारा टीम वर्क काम आया.

3 करोड़ 40 लाख बच्चों को दी जाएगी खुराक

प्रदेश में पोलियो अभियान के तहत 5 वर्ष तक के 3 करोड़ 40 लाख बच्चों को पोलियो की ड्रॉप दी जाएगी. डीजी फैमिली वेलफेयर डॉ. राकेश दुबे ने बताया कि प्रदेश में पोलियो बूथों की संख्या एक लाख 10 हजार है. इसके साथ ही प्रदेश में घर-घर जाकर पोलियो का ड्रॉप पिलाने के लिए 69 हजार टीमों का गठन किया गया है. प्रदेश में वैक्सीनेटर की संख्या तीन लाख तीस हजार है. पोलियो अभियान के लिए 23,000 सुपरवाइजर्स, 6,500 ट्रांजिट टीम और 1,700 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है.

2 फरवरी तक चलेगा अभियान

यह अभियान 2 फरवरी तक चलेगा. देश में विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल के बाद 1995 में पल्स पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम शुरू किया था और पोलियो टीकाकरण अभियान जिस रविवार को होता है, उसे राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के रूप में जाना जाता है.

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