दरअसल पिछले साल स्पेन में 18 से 23 जून के बीच हुई एफएटीएफ की प्लेनरी बैठक में पाकिस्तान में आतंकी संगठनों को मिल रही फंडिंग पर रिपोर्ट पेश की गई थी। इसमें Pakistan को आतंकी फंडिंग का दोषी ठहराया गया था। इसके बाद Pakistan के खिलाफ कार्रवाई का मामला इंटरनेशनल कोआपरेशन रिव्यू ग्रुप (ICRG) को सौंप दिया गया।
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बाद में आइसीआरजी ने एशिया पैसिफिक ग्रुप (APG) को एक महीने के भीतर पाकिस्तान द्वारा आतंकी फंडिंग रोकने के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट देने को कहा था। APG के रिपोर्ट नहीं देने की स्थिति में ICRG ने पाकिस्तान को सीधे उसे रिपोर्ट देने को कहा कि उसने आतंकी फंडिंग रोकने के लिए क्या उपाय किया है।
लेकिन पाकिस्तान ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। आतंकी फंडिंग पर Pakistan के रवैये को देखते हुए अमेरिका और ब्रिटेन ने उसे निगरानी सूची में डालने का प्रस्ताव पेश कर दिया।