
Israel की संसद Knesset में गूंजे ‘Modi-Modi’ के नारे, आतंक पर PM का दो टूक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर 25-26 फरवरी को इजरायल की ऐतिहासिक दो दिवसीय राजकीय यात्रा की। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल की राष्ट्रीय संसद, नेसेट (इजरायल की संसद) को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच दिया, जिससे दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को बल मिला। उन्होंने रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए बेंजामिन नेतन्याहू के साथ चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने इजरायल में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि इजराइल की तरह, भारत भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक सुसंगत और अडिग नीति अपनाता है। मोदी ने इजराइल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकों की हत्या और आतंकवाद को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता है, क्योंकि दुनियाभर में कहीं भी आतंकवाद शांति के लिए खतरा है।
मोदी ने कहा, ‘‘मैं 1.4 अरब भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं और मित्रता, सम्मान और साझेदारी का संदेश लेकर आया हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सहभागिता का दायरा और विस्तार बढ़ा है और हम कई क्षेत्रों में इस संबंध को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ मोदी के संसद में पहुंचने पर सांसदों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाये और उनके भाषण के दौरान कई बार उन्होंने मेजें थपथपाकर प्रधानमंत्री की कई बातों का समर्थन किया।



