Uttarakhand में LPG की कमी? CM Pushkar Singh Dhami बोले- अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी की खबरों को खारिज करते हुए उन्हें कोरी अफवाहें बताया। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि उन्होंने शीर्ष अधिकारियों को राज्य में मौजूदा स्थिति की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दे दिए हैं। पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हम अफवाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं और उत्तराखंड में कहीं भी ऐसी कोई समस्या नहीं है। हम स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। कल मैंने मुख्य सचिव को भी राज्य की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया था। हम यह सब इसलिए कर रहे हैं ताकि लोगों को असुविधा या कालाबाजारी का सामना न करना पड़े।
इससे पहले मंगलवार को उत्तराखंड के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की आयुक्त रुचि मोहन रायल ने बताया कि मौजूदा वैश्विक स्थिति और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को देखते हुए राज्य सरकार पूरे राज्य में गैस आपूर्ति की स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य विभाग और तेल कंपनियों के समन्वय से राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है।
आयुक्त ने कहा कि राज्य में फिलहाल घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने आगे बताया कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत “प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026” जारी किया है। इस आदेश के तहत सुचारू गैस आपूर्ति प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी, पीएनजी या सीएनजी की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आई है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में इस्तेमाल होने वाली व्यावसायिक गैस की आपूर्ति भी पहले की तरह जारी है और इसके आवंटन में कोई कटौती नहीं की गई है।
भारत सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए, राज्य सरकार ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों और तेल कंपनियों को एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की उपलब्धता की लगातार समीक्षा करने और विशेष रूप से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को समान आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्हें यह भी निर्देश दिया गया है कि राज्य में कहीं भी गैस की जमाखोरी या कालाबाजारी न हो।



