तलाशी अभियान पूरा होने के बाद गौड़ा ने संवाददाताओं को बताया कि हमें उनके सामान में कुछ नहीं मिला। शाह के साथ दो और लोग थे। हमने उनके नामों की जांच नहीं की।
अमित शाह ने एकदम सही कहा कि देश और समाज को धर्म के आधार पर बांटने की साजिश को पूरा नहीं किया जायेगा। इस हिन्दुस्तान में इतने धर्म और सम्प्रदाय हैं, उतने ही बहुत हैं, उसी से देश पार नहीं पा पा रहा है।
इसके अतिरिक्त समाज को नीहित स्वार्थों के चलते और बांटने की इजाजत क्यों और किन शर्तों पर दी जा सकती है। किसी पार्टी के नेता को परेशानी पैदा करने और चुनाव में किसी दल को रोकने और उसको चुनाव से दूर करने के लिए गये ऐसे फैसले जो उनकी सीमा में हों ही नहीं,उनकी घोषणा का क्या मतलब?
ये तो देश में आग लगाने वाला काम हुआ। जिसे दियासलाई दिखा रहा है, संवैधानिक पद पर बैठा हुआ एक मुख्यमंत्री। ऐसे मुख्यमंत्री को तो बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।
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