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हृदय उपचार में नई ऊंचाइयां छू रहा लारी विभाग : ब्रजेश पाठक

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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में आयोजित दो दिवसीय ‘कॉर्डिकॉन 2026’ के पहले दिन शुक्रवार को शुभारंभ अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि केजीएमयू आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करा रहा है। यहां न केवल प्रदेश और देश, बल्कि पड़ोसी देशों से भी मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ दिन-रात सेवा कर मरीजों की जिंदगी बचा रहे हैं।

वे कॉर्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित सम्मेलन को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केजीएमयू का लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग प्रतिदिन गंभीर हृदय रोगियों का सफल उपचार कर उन्हें नया जीवन दे रहा है। आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों के कारण संस्थान हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों ने नवीनतम शोध और उपचार पद्धतियों पर चर्चा की। इस आयोजन ने चिकित्सकों को अनुभव साझा करने और नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने का मंच प्रदान किया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद, लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेट्ठी, डॉ. अक्षय प्रधान, डॉ. गौरव चौधरी, डॉ. शरद चन्द्रा, डॉ. प्रवेश विश्वकर्मा, डॉ. धीमान कहाली सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।

डायबिटीज, मोटापा और बीपी से बढ़ रहा दिल की बीमारी का खतरा

सम्मेलन को संबोधित करते हुए लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेट्ठी ने कहा खराब खानपान और भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण डायबिटीज, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ये तीनों बीमारियां मिलकर हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ा देती हैं। लापरवाही बरतने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

डॉ. ऋषि सेट्ठी ने बताया कि डायबिटीज के कारण रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है और हृदय तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट का खतरा बढ़ जाता है। वहीं मोटापा, विशेषकर पेट पर चर्बी बढ़ना, खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालता है। हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि लंबे समय तक बढ़ा बीपी हृदय की मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है। यदि किसी व्यक्ति को डायबिटीज के साथ बीपी या मोटापा भी है तो हृदय रोग की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।

कॉर्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. धीमान कहाली ने कहा कि दिल की बीमारी से बचाव के लिए मोटापा नियंत्रित रखना, नियमित व्यायाम करना और संतुलित आहार अपनाना जरूरी है। मीठा और नमक का सेवन सीमित करें तथा फास्ट फूड और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं।

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