
दावोस में भारत की मजबूत आवाज: प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण पर दुनिया भर में उत्सुकता, बोले अश्विनी वैष्णव
दावोसः केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण को लेकर दुनिया में काफी जिज्ञासा है। उन्होंने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करने का यही सही रास्ता है कि कृत्रिम मेधा (एआई) तथा अन्य प्रौद्योगिकी नवाचारों का लाभ सभी तक पहुंचे।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक से इतर यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहकारी संघवाद के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए और अधिक राज्यों का डब्ल्यूईएफ प्रतिनिधिमंडलों में शामिल करने के लिए स्वागत करेगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इस वर्ष 10 राज्य दावोस में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और राज्यों की संख्या जितनी अधिक होगी, उतना बेहतर होगा।
उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार की ओर से हम उन सभी राज्यों का स्वागत करते हैं जो इसमें भाग लेना चाहते हैं। हम उन्हें इसका हिस्सा बनने में मदद करते हैं और यहां कारोबार जगत के लोगों व अन्य प्रमुख हस्तियों के साथ आवश्यक बैठकों की व्यवस्था भी कराते हैं।” इसी संवाददाता सम्मेलन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि दावोस में भारत की मौजूदगी प्रभावी रूप से दर्ज हो रही है और “हम सभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए सहकारी संघवाद के मंत्र का पालन करते हुए यहां आए हैं।



