
आर्थिक रूप से सशक्त बन रही जिला पंचायत: मानचित्र स्वीकृति से 57.42 करोड़ की आय से मजबूती, अवैध निर्माण पर लगी लगाम
प्रदेश में जिला पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार के प्रयास असर दिखाने लगे हैं। ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को सख्ती और पारदर्शिता के साथ लागू किए जाने से जिला पंचायतों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 से जनवरी 2026 तक जिला पंचायतों द्वारा 2883 मानचित्र स्वीकृत किए गए, जिससे 57.42 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
सरकार के निर्देश पर जिला पंचायतों ने अपने-अपने क्षेत्रों में भवन निर्माण से पूर्व मानचित्र स्वीकृति को अनिवार्य कर दिया है। पहले बड़ी संख्या में लोग बिना स्वीकृति के निर्माण करा लेते थे, जिससे न केवल नियोजन प्रभावित होता था बल्कि पंचायतों को राजस्व की हानि भी होती थी। अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है। इसके परिणामस्वरूप अवैध निर्माण पर लगाम लगी है और नियमों के तहत विकास को बढ़ावा मिला है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अब बड़े अस्पताल, शॉपिंग मॉल, स्टेडियम और अन्य जनोपयोगी परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। इन निर्माण कार्यों के लिए मानचित्र स्वीकृति से जिला पंचायतों को मानचित्र शुल्क, विकास शुल्क और अन्य संबंधित प्रभारों के रूप में नियमित आय प्राप्त हो रही है। इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग सड़क निर्माण, नाली व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में किया जा रहा है।
डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से मानचित्र स्वीकृति में लगने वाला समय काफी कम हुआ है। कई जिलों में ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया गया है, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति घर बैठे देख सकते हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों में भी कमी आई है।
मानचित्र स्वीकृति से बढ़ी आय के चलते जिला पंचायतें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होती जा रही हैं। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के तेज और प्रभावी क्रियान्वयन के रूप में सामने आ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी जिला पंचायतें अपने संसाधनों को मजबूत करें और स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाएं। मानचित्र स्वीकृति के माध्यम से बढ़ी यह आय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और स्थायी कदम मानी जा रही है।



