इनके अलावा 3,791 फ्लैट्स को साल के आखिर तक डिलीवर करने के लिए काम जोरों पर बताया जा रहा है। ये भी आंकड़े हैं, इनमें कितनी सत्यता है, इसकी भी जांच आवश्यक है।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का कहना है कि उसने 4,529 फ्लैट्स के पजेशन दे दिए हैं। करीब 9,671 फ्लैट्स में 90 प्रतिशत से ज्यादा काम हो चुका है। ग्रेटर नोएडा के करीब 5,000 फ्लैट्स को जनवरी 2018 तक तैयार कर लिए जाने पर जोर दिया जा रहा है।
इस बीच बिल्डर्स ये दावा कर रहे हैं कि सरकार से अगर मदद मिले तो वो समय से अपने प्रोजेक्ट पूरा कर लेंगे। हालांकि ग्रेटर नोएडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का कहना है कि बिल्डरों की मनमानी को ले कर जांच की जा रही है। इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि समय पर सबको फ्लैट मिल सके।
हालांकि पुलिस को ये निर्देश जरूर दिए गए हैं कि DhokheyBaaj बिल्डरों के खिलाफ करवाई की जाए। ऐसे में पुलिस, प्राधिकरण की उस लिस्ट का इंतज़ार कर रही है, जिसमें डिफाल्टर बिल्डरों की जानकारी है।
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