
CM ने की समीक्षा.. फरवरी 2026 तक 1.96 लाख करोड़ से ज्यादा संग्रह, होली पर अवैध शराब की बिक्री को लेकर दी सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के फरवरी मासांत तक की कर एवं करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा करते हुए कहा कि अब तक 1.96 लाख करोड़ से अधिक का राजस्व संग्रह किया जा चुका है। आबकारी से 13% अधिक आय के साथ जीएसटी-वैट-परिवहन सहित हर क्षेत्र में राजस्व बढ़ा है।
उन्होंने सभी विभागों को लक्ष्य के सापेक्ष प्रयास और तेज करने के निर्देश दिए। योगी ने होली के मद्देनजर पर अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई के साथ लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन और बेहतर बस सेवाओं की पर जोर दिया।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने जीएसटी, वैट, आबकारी, स्टाम्प एवं पंजीकरण, परिवहन, ऊर्जा, भू-राजस्व व खनन विभागों द्वारा प्रस्तुत लक्ष्यों और उपलब्धियों का आकलन करते हुए कहा कि राजस्व वृद्धि प्रदेश में विकास कार्यों की गति को निर्धारित करती है। उन्होंने सभी विभागों को पारदर्शिता, दक्षता और नवाचार-आधारित कार्यप्रणाली के साथ लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए कर-राजस्व का वार्षिक लक्ष्य ₹2.95 लाख करोड़ निर्धारित है, जिसके मुकाबले फरवरी 2026 तक ₹1,96,177 करोड़ की प्राप्ति दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व में निरंतर वृद्धि से प्रदेश में बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण योजनाओं, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति मिल रही है।
आबकारी विभाग का वार्षिक लक्ष्य ₹63,000 करोड़ है, जिसके सापेक्ष फरवरी तक ₹48,501 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि से 13.2 प्रतिशत अधिक है। मार्च में करीब ₹9,050 करोड़ की अतिरिक्त प्राप्ति का रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री ने होली पर्व को देखते हुए अवैध और जहरीली शराब के निर्माण व बिक्री पर शून्य सहनशीलता अपनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन और रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। परिवहन निगम की बसों की फिटनेस सुनिश्चित करने, नए रूट चिन्हित कर निजी क्षेत्र के सहयोग से बस सेवाएं शुरू करने और होली के दौरान कानून-व्यवस्था व आबकारी नियंत्रण को लेकर प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
जीएसटी–वैट से मजबूत योगदान
राज्य कर (जीएसटी वैट) का वार्षिक लक्ष्य ₹1,75,725 करोड़ है, जिसके सापेक्ष फरवरी तक ₹1,03,770 करोड़ का संग्रह हुआ। इसमें जीएसटी से ₹75,195 करोड़ और वैट से ₹28,575 करोड़ शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी 2.0, एआई आधारित जोखिम विश्लेषण, ई-इनवॉइसिंग, ई-वे बिल की प्रभावी निगरानी और फर्जी आईटीसी पर नियंत्रण से कर अनुपालन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इन प्रयासों से अब तक ₹3,117 करोड़ की अतिरिक्त वसूली की गई है।
स्टाम्प, परिवहन और खनन में भी मजबूती
स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ने लक्ष्य ₹38,150 करोड़ के सापेक्ष फरवरी तक ₹29,487 करोड़ की प्राप्ति दर्ज की। परिवहन विभाग ने ₹14,000 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹11,005 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। वहीं, खनन विभाग ने लक्ष्य ₹6,000 करोड़ के सापेक्ष फरवरी तक ₹3,597 करोड़ का संग्रह किया, जबकि मार्च में लगभग ₹600 करोड़ की अतिरिक्त प्राप्ति का अनुमान है।



