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मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जनपदों में पूरी तत्परता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में आमजन को तत्काल मदद पहुंचाई जाए। अतिवृष्टि के कारण जिन गांवों में पानी भर गया है, जिला प्रशासन उन क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानां एवं शिविरों में पुनर्स्थापित कर राहत सामग्री मुहैया कराए।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश विभिन्न जनपदों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए दिए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि वर्तमान में प्रदेश के 11 जनपदों-कुशीनगर, महराजगंज, लखीमपुर खीरी, बलिया, फर्रुखाबाद, गोण्डा, कानपुर नगर, गौतमबुद्धनगर, सीतापुर, हरदोई तथा शाहजहांपुर में बाढ़ की स्थिति की सूचना प्राप्त हुई है। अन्य किसी भी जनपद में बाढ़ की स्थिति अभी तक नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पैकेट के वितरण में देरी नहीं होनी चाहिए। राहत शिविरों में प्रकाश आदि की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। आपदा कण्ट्रोल रूम को चौबीस घण्टे क्रियाशील रखा जाए। नदियों के जलस्तर तथा तटबन्धों की लगातार पेट्रोलिंग करके निगरानी की जाए। सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य हेतु आवश्यकतानुसार एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0, पी0ए0सी0 यूनिट की तैनाती की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि जिन जनपदों में अतिवृष्टि के कारण सम्भावित बाढ़ और जल जमाव की आशंका है, उन जनपदों के अधिकारी पूरी सतर्कता बरतें और क्षेत्र भ्रमण कर प्रभावित लोगों को हर सम्भव सहायता सुलभ कराएं। आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि या अन्य प्राकृतिक आपदा से हुई मृत्यु की दशा में 04 लाख रुपये अनुमन्य है। 24 घण्टे के अन्दर अनुमन्य राहत राशि स्थानीय जनप्रतिनिधि के माध्यम से प्रभावित परिवार को वितरित की जाए।

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