धार्मिक

स्थिर वस्तुएं आज खरीदें, अस्थिर के लिए कल का दिन रहेगा शुभ

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

धनतेरस इस बार शनिवार और रविवार दो दिन मनाई जाएगी। त्रयोदशी तिथि शनिवार से शुरू होकर रविवार दोपहर 1.50 बजे तक रहेगी। आचार्य घनश्याम जोशी ने बताया कि शनिवार को अस्थिर वस्तुएं जैसे लक्ष्मी, गणेश की मूर्ति, झाड़ू आदि सामान खरीदना शुभ माना जाएगा। वहीं रविवार को कार, बाइक आदि को खरीदना शुभ रहेगा। उन्होंने बताया कि दिवाली 20 को ही मनाई ही जाएगी। लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त रात 7 से 9 बजे तक रहेगा।

गणेश और लक्ष्मी का किया पूजन
दीपावली के पावन अवसर पर शुक्रवार को श्री अग्रवाल सभा कल्याण सोसाइटी (रजि.) द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री गणेश एवं मां लक्ष्मी का पूजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। पूजन कार्यक्रम सुबह शांति कुटीर धर्मशाला, पुरानी घी की मंडी, आलमगिरीगंज में संपन्न हुआ।

सभा के अध्यक्ष उमानाथ अग्रवाल ने बताया कि भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की आराधना कर देश, समाज और अग्र बंधुओं के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की गई। इस अवसर पर सभा के संरक्षक एडवोकेट अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि पूजन के साथ अग्रकुल प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन का भी पूजन कर उनके आदर्शों का स्मरण किया गया। मीडिया प्रभारी एडवोकेट हर्ष कुमार अग्रवाल ने कहा कि अग्र समाज सदैव उत्सवधर्मी रहा है और दीपावली का पर्व समाज को एकता व सहयोग का संदेश देता है।

उन्होंने बताया कि अग्र समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर परंपरा को जीवंत बनाए रखा। कार्यक्रम में महामंत्री एडवोकेट दिनेश कुमार अग्रवाल, कोषाध्यक्ष दिनेश अग्रवाल (जल निगम, अनिल अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, कमल गोयल सहित अनेक अग्रबंधु मौजूद रहे। अंत में सामूहिक आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और सभी ने एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।

राज्‍यों से जुड़ी हर खबर और देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए नार्थ इंडिया स्टेट्समैन से जुड़े। साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप को डाउनलोड करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button