संसद भवन में बजट सत्र की शुरुआत: राष्ट्रपति मुर्मू का अभिभाषण, गिनाई देश की उपलब्धियां
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शुक्रवार को संसद परिसर में औपचारिक स्वागत किया गया। मुर्मू जब बग्घी में सवार हो कर संसद भवन पहुंचीं तब उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा सरकार द्वारा सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में अपनाए गए ‘सेंगोल (राजदंड)’ को धारण किए एक अधिकारी ने उनका अभिनंदन किया।
राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया, जिसके साथ ही बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई। राष्ट्रीय राजधानी में धुंधभरी सुबह के बीच राष्ट्रपति मुर्मू छह घोड़ों द्वारा खींची जाने वाली पारंपरिक बग्घी में सवार हो कर संसद पहुंचीं। उनके साथ राष्ट्रपति का अश्वारोही अंगरक्षक दल का दस्ता भी था। संसद भवन के लॉन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
इसके बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री मोदी, लोकसभा अध्यक्ष बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू उन्हें लोकसभा कक्ष तक लेकर गए। राष्ट्रपति के आगमन से पहले, पारंपरिक वेशभूषा पहने लोकसभा के एक वरिष्ठ मार्शल ने ‘राजदंड’ (सेंगोल) को उसके स्थान से हटाया और ड्रम की थाप के बीच अध्यक्ष ओम बिरला के साथ जुलूस के रूप में आगे बढ़े। उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ने संसद भवन के गज द्वार पर राष्ट्रपति का स्वागत किया और ‘राजदंड’ को श्रद्धापूर्वक धारण किए अधिकारी के नेतृत्व में सभी लोग लोकसभा कक्ष पहुंचे।
सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ का दृष्टिकोण हर नागरिक के जीवन में बदलाव ला रहा है। उन्होंने बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी व्यवस्थाओं को मजबूत बना रही है तथा पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये गये हैं। मुर्मू ने कहा, ”पिछले 10-11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है।
यह वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य का मजबूत आधार है।” उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और इसी का नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।
मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया कि 2014 तक सिर्फ 25 करोड़ लोगों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था, लेकिन आज 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटाला से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है जिससे एक-एक पाई भारत के विकास में खर्च हो रही है। उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरा होने के मौके पर पिछले सत्र में संसद के दोनों सदनों में विशेष चर्चा हुई।



