भारत को रक्षा के क्षेत्र में आज बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। आज सुखोई फाइटर प्लेन से Brahmos मिसाइल को फायर करने का प्रयोग पूरी तौर पर रहा है। इस प्रयोग के लिए हल्की Brahmos मिसाइल का इस्तेमाल किया गया।
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इस हल्की Brahmos मिसाइल का वजन 2.4 टन ही था। जबकि वास्तव में इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का वजन 2.9 टन होता है।
सुखोई और Brahmos की जोड़ी ‘डेडली कॉम्बिनेशन’
यह प्रयोग बालासोर टेस्ट फायर रेंज के ऊपर किया गया। दो इंजन वाले सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट से ये टेस्ट किया गया। सुखोई और ब्रह्मोस की जोड़ी को ‘डेडली कॉम्बिनेशन’ के तौर पर देखा जा रहा है।
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