BJP Minority Morcha का Gen-Z पर फोकस, Kalam-Modi विजन से युवाओं को जोड़ेगा एकता मार्च
बीजेपी का राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा ‘डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एकता मार्च’ आयोजित कर रहा है, जो सितंबर से अक्टूबर 2026 के बीच होगा। यह मार्च डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विज़न पर आधारित है। इस कार्यक्रम का मकसद ‘जेनरेशन Z’ और भारत के युवाओं को डॉ. कलाम की विचारधारा, पीएम मोदी के विज़न और जन-सेवा की भावना से जोड़ना है। यह मार्च परीक्षा के पेपर लीक होने को लेकर युवाओं के हालिया विरोध-प्रदर्शनों के बाद हो रहा है।
कश्मीर से शुरू होकर तमिलनाडु के रामेश्वरम में डॉ. कलाम मेमोरियल पर खत्म होने वाली इस यात्रा में प्रतिभागी पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से गुजरेंगे। इस यात्रा का मकसद ‘एकजुट भारत, सशक्त भारत’ का संदेश फैलाना है और बातचीत को बढ़ावा देने तथा अपना संदेश साझा करने के लिए यह यात्रा मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों और दरगाहों से होकर गुजरेगी। उम्मीद है कि इस रास्ते पर लाखों युवा इस मार्च में शामिल होंगे।
इसी के साथ, बीजेपी माइनॉरिटी मोर्चा ने भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की विरासत का सम्मान करने के लिए ‘सलाम-ए-कलाम’ अभियान के तहत देश भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम शुरू किए हैं। 27 जुलाई को शुरू हुए और मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी के नेतृत्व में हो रहे ये कार्यक्रम जिला मुख्यालयों पर आयोजित किए जा रहे हैं। सिद्दीकी ने राष्ट्रीय टीम से बातचीत के बाद कैंपेन की डिटेल्स को अंतिम रूप दिया। उन्होंने बताया कि ‘सलाम-ए-कलाम’ का मकसद भारत के विकास, विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्र-निर्माण में डॉ. कलाम के अहम योगदान को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुँचाना और उन्हें सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि देना है।




