
बढ़ती उम्र की चुनौतियों पर गहराई से नजर: उत्तर प्रदेश में LASI सर्वे के लिए 53 रिसर्चर्स तैयार, 30 जिलों में होगा घर-घर जाकर सर्वेक्षण
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से देशभर में संचालित “लॉन्गिट्यूडिनल एजिंग स्टडी इन इंडिया (एलएएसआई)” के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में व्यापक सर्वेक्षण की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में लखनऊ जनपद के बख्शी का तालाब क्षेत्र में विभिन्न जिलों से आए 53 युवक एवं युवतियों को शोधकर्ता के रूप में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। फील्ड प्रोजेक्ट अधिकारी अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (आईआईपीएस) की प्रतिनिधि लक्ष्मी पटेल ने बताया कि यह अध्ययन भारत सरकार द्वारा समर्थित है। प्रदेश में सर्वे कार्य का संचालन मार्केट एक्सेल डाटा मैट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कराया जा रहा है। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य देश में बढ़ती आयु के साथ होने वाले सामाजिक, आर्थिक तथा स्वास्थ्य संबंधी परिवर्तनों की सटीक जानकारी एकत्र करना है, ताकि भविष्य की नीतियों एवं योजनाओं को जनआवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 फरवरी से प्रारंभ होकर 2 मार्च तक चलेगा। प्रशिक्षण के दौरान शोधकर्ताओं को सर्वे की प्रक्रिया, प्रश्नावली के उपयोग, डिजिटल माध्यम से आंकड़ा संकलन तथा व्यवहारिक संवाद कौशल का विशेष अभ्यास कराया जा रहा है।अध्ययन के अंतर्गत लखनऊ, हरदोई, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, लखीमपुर सहित प्रदेश के कुल 30 जनपदों में सर्वेक्षण किया जाएगा। गुरुवार को प्रशिक्षण प्राप्त कर रही टीम फील्ड अभ्यास के लिए बीकेटी क्षेत्र के टिकारी एवं भौली गांवों में घर-घर जाकर सर्वे का अभ्यास करेगी।इस अध्ययन से प्राप्त आंकड़े केंद्र सरकार को वरिष्ठ नागरिकों एवं बढ़ती आयु वर्ग की आवश्यकताओं को समझने में सहायता प्रदान करेंगे। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा आर्थिक सहयोग कार्यक्रमों की प्रभावी रूपरेखा तैयार करने में यह अध्ययन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।रीराइट अट्रैरक्टिव हैडिंग



