
AKTU के स्टार्टअप को मिली 400 करोड़ की फंडिंग, edubook की डिजिटल वेरिफिकेशन सेक्टर में बड़ी छलांग
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने स्टार्टअप में बड़ी सफलता हासिल की है। कलाम सेंटर फॉर इन्नोवेशन एंड, इनक्यूबेशन ऑफ स्टार्टअप फाउंडेशन, इन्नोवेशन हब में पंजीकृत एडुबुक कंपनी को डिजिटल क्रेडेंशियल वेरिफिकेशन के क्षेत्र में 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 400 करोड़ रुपये) की महत्वपूर्ण फंडिंग हासिल की है। यह निवेश निमबस कैपिटल ने किया है।
विश्वविद्यालय राज्य के नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस सेंटर के निदेशक प्रो. राजीव कुमार एवं डॉ. अनुज कुमार शर्मा ने एडुबुक कंपनी के संस्थापक, अपूर्व बजाज और शिवानी मेहरोत्रा को बधाई दी है। एडुबुक ब्लॉकचेन आधारित सुरक्षित डिजिटल वेरिफिकेशन समाधान प्रदान कर रहा है। अब तक कंपनी 1 लाख से अधिक ऑन-चेन वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक कर चुकी है और भारत के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य-पूर्व, यूरोप और अफ्रीका में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।
एडुबुक का मुख्य फोकस फर्जी प्रमाण-पत्रों की समस्या का समाधान करना और वैश्विक कार्यबल के लिए विश्वसनीय डिजिटल वेरिफिकेशन प्लेटफॉर्म तैयार करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह निवेश कंपनी को अपने तकनीकी ढांचे को मजबूत करने, उत्पाद विकास में तेजी लाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने में मदद करेगा। स्टार्टअप इकोसिस्टम के जानकारों का मानना है कि इस तरह की फंडिंग न केवल एडुबुक के लिए, बल्कि उत्तर प्रदेश और देश के नवाचार परिदृश्य के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। विश्वविद्यालय प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को दे रहा बढ़ावा विश्वविद्यालय प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार पहल कर रहा है।
विश्वविद्यालय के इन्नोवेशन हब की ओर से छात्रों एवं युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए संसाधन एवं सुविधाएं प्रदान की जा रही है। इस दिशा में डीन इन्नोवेशन प्रो. बी एन मिश्रा के मार्गदर्शन एवं इन्नोवेशन हब के सीईओ महीप सिंह एवं सीआईओ वंदना शर्मा के नेतृत्व में समय-समय पर स्टार्टअप मेला विशेषज्ञों का मार्गदर्शन विशेष सत्र आदि का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की इन्नोवेशन हब में पंजीकृत विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं स्टार्टअप आज सफल कंपनी के रूप में नाम कमा रहे हैं।



