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अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर कसा तंज, कहा- भाजपा राज मतलब भ्रष्टाचार का भंडार

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लखनऊ। आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे निलंबित पुलिस उपाधीक्षक ऋषिकांत शुक्ल और माफिया अखिलेश दुबे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोलते हुये कहा कि योगी सरकार के सुशासन के दावों की आये दिन पोल खुल रही है और हर विभाग में दलालों और रिश्वतखोरी चरम पर है।

अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक्स पर लिखा “जिनके करीबी और सहायक अधिकारी के पास 100 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति मिली है, सोचिए उनके पास खुद कितनी अपार दौलत होगी और उनके उस ‘ऊपरवाले’ के पास कितनी, जिनके संरक्षण और आशीर्वाद से वे अब तक कार्रवाई से बचे हुए हैं।

उन्होंने कहा ” भाजपा के ‘सुशासन’ के दावे अब खोखले साबित हो चुके हैं। हर विभाग में घोटाले, हर स्तर पर रिश्वतखोरी और हर जगह दलालों का राज कायम है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज का असली अर्थ है “भ्रष्टाचार का भंडार”, जिसमें जनता की गाढ़ी कमाई का धन लूटने की खुली छूट दी जा रही है।

कानपुर के अखिलेश दुबे को लेकर सपा मुखिया इन दिनों काफी हमलावर हैं। अभी बीते दिनों प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा था कि इस सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। “विकास दुबे की गाड़ी इसलिए पलटाई गई थी कि कहीं सरकार न पलट जाए। अब अखिलेश दुबे को बचाया जा रहा है”।

गौरतलब है कि ऋषिकांत शुक्ल कानपुर नगर पुलिस में लंबे समय तक तैनात रहे हैं। पुलिस विभाग में आने के बाद अपने शुरुआती दिनों में वह वर्ष 1998 से 2006 तक और प्रभारी निरीक्षक के रूप में दिसम्बर 2006 से वर्ष 2009 तक लगभग 10 वर्ष से अधिक समय तक कानपुर नगर में नियुक्त रहे हैं। पुलिस उपाधीक्षक पद पर प्रोन्नति के बाद भी इन्हें उन्नाव में तैनाती मिली और वर्तमान समय में वह मैनपुरी में तैनात हैं।

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