पंजाब में सियासी भूचाल! आप सरकार पर सबसे बड़ा संकट! CM मान के दफ्तर तक पहुंची आंच, हाई कोर्ट ने दिए CBI जांच के आदेश
पंजाब की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के दफ्तर और करीबियों से जुड़े भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी। यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखे गए पत्रों और राज्य पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न किए जाने के बाद आया है। ED ने सीनियर पुलिस अधिकारी को तीन पत्र लिखकर पंजाब में सरकारी ट्रांसफर और पोस्टिंग, ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव (CLU) के मामलों और अन्य लेन-देन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। एजेंसी ने इन आरोपों के सिलसिले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर घुमन का नाम भी लिया था।
ये आरोप एक हाउसिंग सोसाइटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले और CLU की मंज़ूरी लेने में कथित अनियमितताओं की ED की जांच के दौरान सामने आए थे। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया में नकली सहमति पत्र इस्तेमाल किए गए थे और पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों की कथित भूमिका की ओर इशारा किया था।
पंजाब DGP को भेजे गए पत्रों में ED ने यह भी कहा था कि प्राइवेट लोगों का एक नेटवर्क सरकारी प्रक्रियाओं, जैसे ट्रांसफर और पोस्टिंग, को प्रभावित करने में शामिल था। एजेंसी ने अपने पत्रों में नामजद लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, जब राज्य पुलिस ने एजेंसी के पत्रों पर कोई कार्रवाई नहीं की, तो वकील निखिल सराफ ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की।



