CM आवास पर BJP की बड़ी बैठक, किसे मिलेगा राज्यसभा का टिकट? 8 सीटों के पैनल पर मंथन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा की कोर कमेटी की बैठक शुरू हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह समेत पार्टी के प्रमुख नेता मौजूद रहे।
बैठक में आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। खास फोकस उत्तर प्रदेश की उन आठ राज्यसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों के पैनल पर है, जिन पर भाजपा अपनी दावेदारी के लिहाज से तैयारी कर रही है। प्रदेश स्तर पर तैयार पैनल को आगे केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजा जाएगा।
राज्यसभा की 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। मतदान 16 अक्टूबर को होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी।
इन 10 सीटों में भाजपा के पास वर्तमान में आठ सीटें हैं। ऐसे में पार्टी का फोकस इन आठ सीटों के लिए उम्मीदवारों के चयन और पैनल तैयार करने पर है।
एक सीट के लिए तीन नामों का पैनल?
भाजपा की प्रदेश इकाई संभावित उम्मीदवारों के नामों का पैनल तैयार कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रत्येक सीट के लिए तीन संभावित नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे जाने की प्रक्रिया पर मंथन चल रहा है। अंतिम उम्मीदवारों पर फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
उम्मीदवारों के चयन में राजनीतिक और संगठनात्मक पहलुओं के साथ सामाजिक व क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर भी चर्चा होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समूहों का प्रतिनिधित्व उम्मीदवार चयन में महत्वपूर्ण पहलू रहा है।
11 MLC सीटों पर भी नजर
कोर कमेटी की बैठक का दूसरा अहम एजेंडा विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटें हैं। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा।
भाजपा पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर चुकी है, जबकि छह सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय किए जाने बाकी हैं। इन सीटों को लेकर भी पार्टी संगठन स्तर पर तैयारियों में जुटी है।
मतदाता सूची से बूथ तक संगठन की तैयारी
MLC चुनावों को लेकर भाजपा संगठन की सक्रियता पहले से बढ़ी हुई है। पार्टी का जोर मतदाता सूची के स्तर तक पहुंच बनाने और संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में लगातार संपर्क पर है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की प्रकृति अलग होने के कारण संगठनात्मक स्तर पर मतदाता संपर्क और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर भी फोकस
कोर कमेटी की बैठक ऐसे समय हो रही है जब भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को सक्रिय कर रही है। इससे पहले हुई बैठकों में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल, जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता और आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा हो चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दोनों उपमुख्यमंत्रियों और प्रदेश संगठन के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में हो रही बैठक में आने वाले चुनावों के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा हो रही है।
केंद्रीय नेतृत्व के पास जाएगा पैनल
प्रदेश स्तर पर मंथन पूरा होने के बाद संभावित उम्मीदवारों का पैनल भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। इसके बाद अंतिम नामों पर फैसला होगा। राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं है, ऐसे में उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
दावेदारों की धड़कनें तेज, अब अगले कदम पर नजर
कोर कमेटी की बैठक के साथ ही भाजपा के भीतर राज्यसभा और विधान परिषद के संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि आठ राज्यसभा सीटों के लिए प्रदेश नेतृत्व किन नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजता है और MLC की बची हुई छह सीटों पर पार्टी किन चेहरों को मैदान में उतारती है।
राज्यसभा के लिए 16 अक्टूबर और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को होने वाले चुनावों से पहले भाजपा की यह कवायद आने वाले दिनों में उम्मीदवार चयन और संगठन की चुनावी रणनीति की दिशा स्पष्ट करेगी।



