Parliament में हंगामा जारी, सरकार का आरोप- विपक्ष काम में बाधा डाल रहा है
लोकसभा ने शुक्रवार को भारी हंगामे के बीच ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए चर्चा में हिस्सा न लेने के लिए विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से आग्रह किया कि वे कार्यवाही में बाधा डालने के बजाय बहस में भाग लें। सदन में लगातार नारेबाजी के बीच दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में बार-बार कामकाज में रुकावटें आईं। चेयरमैन सी.पी. राधाकृष्णन ने कार्यवाही में बाधा डालने के लिए TMC नेता डेरेक ओ’ब्रायन को फटकार लगाई और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पेश किए गए नियम 267 के तहत नोटिस को खारिज कर दिया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर सदन के कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगाया। विरोध-प्रदर्शन जारी रहने के कारण कार्यवाही समय से पहले समाप्त कर दी गई और सदन को 3 अगस्त, 2026 को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को भेष बदलकर संसद में आने वाले कुछ सांसदों को चेतावनी दी और कहा कि वे संसद की पवित्रता और मर्यादा को खत्म कर रहे हैं। उन्होंने यह चेतावनी उस वक्त दी जब निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को लेकर विरोध जताते हुए ‘पुजारी’ की वेशभूषा में पहुंचे थे।
सदन की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर आसन के निकट पहुंचकर गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया और आरोप लगाया कि मंत्री ने अपने बयान से सदन को गुमराह किया, जो विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का मामला बनता है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि वह केंद्रीय मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करें।




