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हिन्दी विवाद के बीच PM मोदी बोले- भारतीय भाषाओं को भारतीयता की आत्मा मानती है भाजपा

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आज से राजस्थान में शुरू हुए भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में भाषा को लेकर हो रहे विवाद पर अपनी टिप्पणी की। बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हमने देखा है कि भाषाओं के आधार पर विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा हर क्षेत्रीय भाषा में भारतीय संस्कृति का प्रतिबिंब देखती है। और उन्हें पूजा के योग्य मानती है। हमने नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में हर क्षेत्रीय भाषा को महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी में स्थानीय भाषाओं को प्राथमिकता देना, हर क्षेत्रीय भाषा के प्रति हमारे कमिटमेंट को दिखाता है। भाजपा, भारतीय भाषाओं को भारतीयता की आत्मा मानती है और राष्ट्र के बेहतर भविष्य की कड़ी मानती है।

परिवारवाद की राजनीति पर प्रहार
इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवारवाद की राजनीति पर भी जबरदस्त प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही वंशवाद और परिवार वाद ने देश का कितना भयंकर नुकसान किया है। परिवारवादी पार्टियों ने देश में भ्रष्टाचार को, धांधली को, भाई-भतीजा वाद को, इसी को आधार बनाकर देश का बहुत मूल्यवान समय बर्बाद किया है।

उन्होंने कहा कि मैं आज के युवाओं की भाषा में कहूं, तो जो भारत के समृद्ध भविष्य के code लिखने के लिए लालायित हैं। ऐसे हर युवा को हमें भाजपा के साथ जोड़ना है। हमें ये याद रखना है कि परिवारवाद की राजनीति से विश्वासघात खाने वाले देश के युवाओं का विश्वास सिर्फ भाजपा ही लौटा सकती है।

विपक्ष पर निशाना
मोदी ने कहा कि हम देख रहे हैं कि आज कुछ पार्टियों का इकोसिस्टम पूरी शक्ति से देश को मुख्य मुद्दों को भटकाने में लगा हुआ है। हमें कभी ऐसी पार्टियों के जाल में नहीं फंसना है। उन्होंने कहा कि जिस एक और विषय पर हमें निरंतर काम करते रहना है वो है देश में विकास वाद की राजनीति की चौतरफा, चारो दिशा में स्थापना होनी चाहिए।

कोई भी दल हो, उसको भी विकासवाद की राजनीति पर आने के लिए मजबूर करना है। मोदी ने कहा कि मैं सैचुरेशन की बात करता हूं। सैचुरेशन सिर्फ पूर्णता का आकंड़ा भर नहीं है। ये भेदभाव, भाई-भतीजावाद, तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार के चंगुल से देश को बाहर निकालने का माध्यम है।

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