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सीएम फेलोशिप योजना में चयनित शोधार्थियों को मुख्यमंत्री ने बांटे टैबलेट

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के में शोधार्थियों को टैबलेट प्रदान किया। योगी आदित्यनाथ सरकार का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से कार्यक्षमता में वृद्धि करने का है। लोक भवन के हाल में सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सौ आकांक्षात्मक विकासखंडों में शुरू की गई मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत चयनित शोधार्थियों को आज टैबलेट प्रदान किया। शोधार्थियों का चयन मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत किया गया है।इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के साथ मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी घोषणा की। उन्होंने मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के शोधार्थियों के लिए बड़ी घोषणा की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ब्लाक तथा जिला स्तर पर अच्छा काम करने वाले शोधार्थियों को प्रदेश की प्रशासनिक सेवाओं में भी काम करने का अवसर मिलेगा। इतना ही नहीं इसको उम्र में छूट देने के साथ ही अतिरिक्त लाभ देकर सरकारी सेवा में काम करने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 100 शोधार्थियों को शासकीय सेवा में निश्चित वेटेज दिया जाएगा। उन्हें आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी। गांवों के बाद अब नगर क्षेत्र में भी सरकार फेलोशिप का यह प्रयोग करेगी। प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए भी हमें कुछ फेलो रखने होंगे। उन्हें निवेशकों के साथ जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने शोधार्थियों से कहा कि वे ग्रामीण विकास की यात्रा में सहभागी बनें और महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की संकल्पना को साकार करें। शोधार्थियों को अगले दो-तीन वर्षों तक गांव में रहना होगा और वहां की विकास की प्रक्रिया से जुड़ना होगा। उन्होंने शोधार्थियों को ग्रामीण विकास पर शोध ग्रंथ लिखने के लिए भी प्रेरित किया।

विकास खंडों की प्रगति के आधार पर उनकी रैंकिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 100 विकास खंडों की प्रगति के आधार पर उनकी रैंकिंग होगी। रैंकिंग के आधार पर विकासखंडों को प्रोत्साहन दिए जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि इन 100 विकासखंडों में मानव संसाधन की कमी नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारियों से शोधार्थियों के लिए ब्लाक मुख्यालय पर आवास की व्यवस्था कराने के लिए भी कहा।

मुख्यमंत्री ने उन कथित विद्वानों पर कटाक्ष भी किया जो शिक्षकों को पठन-पाठन तक सीमित रखने और उन्हें जनगणना व मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में नहीं लगाए जाने की वकालत करते हैं। यह कहते हुए कि वह शिक्षा क्या जो हमें सिर्फ अक्षर ज्ञान तक सीमित रखे। व्यावहारिक ज्ञान के बिना तो शिक्षा अर्थहीन है। ऐसे लोग तो यह आदेश भी जारी करा देंगे कि शिक्षकों को अब स्कूल जाकर पढ़ाने की जरूरत नहीं है। वह घर बैठे ही आनलाइन क्लास ले सकेंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास आकांक्षात्कम जिलों को भी मुख्यधारा में लाने का है। यह सभी शोधार्थी इन्ही जिलों में काम कर रहे हैं। यह ग्राम प्रधान के साथ ही ब्लाक के अधिकारियों को नए नियम तथा सुविधा की योजनाओं से भी अवगत करा रहे हैं। हर जगह पर अच्छा कार्य करने वाले के लिए हम सरकारी सेवा में जगह बनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में विकास का अच्छा काम रहे इन शोधार्थियों को भविष्य में नगर विकास के क्षेत्र में भी बड़े काम करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए तैनात फेलोशिप शोधार्थी को हमने टैबलेट बांटा है, आगे नगर विकास के लिए अच्छा काम करने वालों को बांटेंगे। लोक भवन में सम्पन्न इस कार्यक्रम में जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ ही साथ कई जिलों के ब्लाक विकास अधिकारी भी मौजूद थे।

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