
योग्य पैरामेडिकल कर्मचारियों के अभाव की समस्या को मिलकर दूर करें
प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाध्यक्ष श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में संजय गाँधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट, लखनऊ का 39वां स्थापना दिवस समारोह सम्पन्न हुआ। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल राज्यपाल जी ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि अपने शिक्षा एवं अनुसंधान कार्य तथा रोगियों की बेहतर देखभाल और चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध इस संस्थान में ब्रांड स्पेशियलिटी में भी अध्ययन, अध्यापन और चिकित्सा उपचार का कार्य होता है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में चिकित्सकों को मरीज के साथ व्यवहार के ज्ञान के साथ-साथ चिकित्सक को खुशमिजाज होना भी जरूरी है। मरीज के साथ चिकित्सकों के सौम्य व्यवहार से मरीज को आत्मबल मिलता है।
चिकित्सीय शोधों से पूरे देश में बृहद स्तर पर प्राप्त हुए स्वास्थय समाधानों की चर्चा को विशेष महत्व देते हुए उन्होंने कहा कि जनसामान्य की स्वास्थय समस्याओं को समझने और उनका समाधान निकालने की आवश्यकता है। उन्होेंने कहा कि कृषि कार्य, मजदूरी, फैक्ट्री, सघन गृह कार्य, आदि में संलग्न कामगारों की स्थान विशेष पर कार्य करने से विभिन्न स्वास्थय गत समस्याएं पैदा होती हैं। महिलाएं, श्रमिक, स्लम क्षेत्रों के निवासी अपने स्वास्थय की ओर ध्यान नही दे पाते। उनको स्वस्थ जीवन उपलब्ध कराने के लिए भी शोध और कार्यशालाएं आयोजित होनी चाहिए। उन्होंने शोधार्थियों से आग्रह किया कि जितने भी शोध हो, उन में नवाचार को लिपिबद्ध करें, उसकी पुस्तक प्रकाशित करें और दूसरों के साथ उसे साझा करें।
इसी क्रम में राज्यपाल ने योग्य पैरामेडिकल स्टाफ के अभाव की चर्चा को भी लक्ष्य किया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को आपसी चर्चा से मिलकर दूर करें। राज्यपाल जी ने कहा कि एस0जी0पी0जी0आई0 अपनी विशेष चिकित्सा व्यवस्था और शिक्षण कार्यों से ग्लोबल पहचान बनाने में सक्षम है, इसलिए संस्थान को प्रतिबद्धता से इसके लिए तैयारी करनी चाहिए। राज्यपाल जी ने कहा कि जी-20 की बैठकों में भारत की अध्यक्षता और उत्तर प्रदेश में इसके आयोजन को भी अपने सम्बोधन में लक्ष्य किया और संस्थान को इसमें प्रतिभागिता के लिए अपने दायित्व निर्धारित करने को कहा।
समारोह में राज्यपाल जी ने विशेष शोध कार्य करने वाले चिकित्सकों, विशेष सेवा कार्य करने वाले नर्सों, तकनीशियनों तथा खेल प्रतियोगिता के विजयी पैरामेडिकल स्टाफ को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
समारेाह में संस्थान के निदेशक प्रो0 आर0के0 धीमन ने संस्थान की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। समारोह में विशेष वक्ता प्रोफेसर मनोज कुमार मित्रा ने इस अवसर संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सको का रोगियों के प्रति व्यवहार पूरी ईमानदारी, सहानुभूति एवं गरिमा से परिपूर्ण होना चाहिए क्योंकि रोगियों की दुआओं और आशीर्वाद से बड़ी कोई उपलब्धि नहीं है। उन्होंने संस्थान में हुए शोध कार्य की सराहना की और कहा कि हमारा शोध हमारी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं की ओर इंगित होना चाहिए और शोध ऐसा हो जो सरकार की नीति में परिवर्तन ला सके और जनसामान्य का वृहत्तर हित कर सके।
उत्तर प्रदेश सरकार के संसदीय कार्य राज्य मंत्री, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, मातृ एवं बाल कल्याण, श्री मयंकेश्वर शरण सिंह समारोह के विशिष्ट अतिथि थे। उन्होंने संस्थान के 39 वें स्थापना दिवस समारोह की सभी को बधाई दी और पुरस्कृत विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन श्री आलोक कुमार ने भी उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।
समारोह में संस्थान की डीन प्रो0 शुभा फड़के, रजिस्ट्रार तथा संकाय विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक, शोध छात्र, सहायक स्टाफ, तकनीशियन सहित संस्थान के अन्य सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।



