महाराष्ट्रराष्ट्रीय

महाराष्ट्र में कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के चलते पाबंदियां कड़ी की गईं

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

मुंबई – कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर आने की आशंका और महाराष्ट्र में वायरस के ‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप के कई मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पाबंदियां कड़ी कर दी है। जो सोमवार से लागू हो गईं।

महाराष्ट्र सरकार की ओर से पिछले सप्ताह जारी अधिसूचना के अनुसार, आवश्यक वस्तुओं वाली दुकानें प्रतिदिन शाम चार बजे तक ही खुली रहेंगी। गैर जरूरी वस्तुओं वाली दुकानें एवं प्रतिष्ठान सप्ताह के दिनों में शाम चार बजे तक ही खुले रहेंगे। पूरे राज्य में ‘स्तर तीन’ की पाबंदियां है।

आदेश के अनुसार, रेस्तरांओं में सप्ताह के दिनों में शाम चार बजे तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ बैठ कर खाना खाने की मंजूरी है। इसके बाद खाना पैक करा कर ले जाया जा सकता है और घरों में डिलेवरी कराई जा सकती है। उपनगरीय ट्रेनें केवल चिकित्सा कर्मचारियों और आवश्यक सेवाओं के कर्मचारियों के लिए ही उपलब्ध रहेंगी। जिम, सैलून को पचास प्रतिशत क्षमता के साथ शाम चार बजे तक खोलने की मंजूरी दी गई है। इन नए आदेशों का असर नागपुर, ठाणे और पुणे जैसे शहरों पर पड़ेगा क्योंकि इन शहरों में मुंबई के मुकाबले पाबंदियों में ज्यादा ढील थी।

शहर ‘स्तर-एक’ में जाने की योग्यता रखता है। जिसमें सभी पाबंदियों को हटाने की इजाजत है। फिर भी इसे‘स्तर-3’ में रखा गया है। राज्य सरकार ने दिशानिर्देश में कहा है। कि रैपिड एंटीजन या अन्य जांच के बजाय आरटी-पीसीआर जांच के आधार पर पाबंदियों को घटाया-बढ़ाया जाएगा।

साथ ही राज्य सरकार ने डेल्टा प्लस स्वरूप को चिंता का विषय बताया था। सरकार ने कहा कि प्रशासनिक ईकाइयों में पाबंदियां एक निर्धारित स्तर (कम से कम तीन) तक बनी रहेंगी। साथ ही राज्य की 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण करने पर भी जोर देने को कहा गया है।

 

राज्‍यों से जुड़ी हर खबर और देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए नार्थ इंडिया स्टेट्समैन से जुड़े। साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप को डाउनलोड करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button