फ्लैश न्यूजराष्ट्रीय

लिली सिंह ने ग्रैमी अवार्ड में पहना किसानों वाला मास्क

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

नयी दिल्ली ।  केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन 110 दिनों से जारी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी किसानों को समर्थन मिल रहा है। भारतीय मूल की कनाडाई यूट्यूबर लिली सिंह ने अब किसानों का समर्थन किया है। उन्होंने ग्रैमी अवार्ड के रेड कॉर्पेट समारोह में किसानों के समर्थन करने वाला मास्क पहनकर गईं। जो चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसमें I STAND WITH FARMERS लिखा है।

बता दें कि ग्रैमी अवॉर्ड्स का आयोजन लॉस एंजेलिस में किया गया। जिसको लेकर कनाडाई यूट्यूबर ने सोमवार को ट्वीट कर जानकारी साझा की। उन्होंने ट्वीट किया कि मुझे पता है कि रेड कारपेट और अवॉर्ड समारोहों की तस्वीरों को सबसे ज्यादा कवरेज मिलती है, तो मीडिया ये लो। इससे बेझिझक चलाओ।

यह कोई पहला मौका नहीं है जब लिली सिंह ने किसानों के प्रति अपना समर्थन प्रकट किया हो। इससे पहले उन्होंने दिसंबर में टिकटॉक के जरिए अपने फॉलोअर्स को किसान आंदोलन के लिए एकजुटता दिखाने की अपील की थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे पहले पॉप सिंगर रेहाना ने सीएनएन की एक रिपोर्ट साझा कर किसानों की तरफ ध्यान देने को कहा था। जिसके बाद जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग समेत कई हस्तियों ने किसानों को लेकर ट्वीट किया। जिस पर विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।

संयुक्त किसान मोर्चे ने किसानों से जुड़े हुए इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के समझ उठाया। संयुक्त किसान मोर्चे के नेता दर्शनपाल ने यूएनएचआरसी से कहा कि केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों से ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे किसानों और अन्य लोगों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के घोषणा-पत्र का उल्लंघन हुआ है जिसपर भारत ने भी हस्ताक्षर कर रखे हैं।

किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लें। इसके साथ ही सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कानून बनाएं। किसानों ने साफ शब्दों में यह भी कहा है कि जब तक कानून वापस नहीं लिया जाएगा तब तक आंदोलन चलता रहेगा।

 

राज्‍यों से जुड़ी हर खबर और देश-दुनिया की ताजा खबरें पढ़ने के लिए नार्थ इंडिया स्टेट्समैन से जुड़े। साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप को डाउनलोड करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button