उत्तर प्रदेश

राजा भैया का दबदबा कायम, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के उम्मीदवार अक्षय पांचवी बार जीते चुनाव

प्रतापगढ़ – विधानसभा चुनाव के बाद हुए विधान परिषद चुनाव में प्रतापगढ़ सीट से जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के करीबी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी लगातार पांचवीं बार विधान परिषद का चुनाव जीते हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी के हरि प्रताप सिंह को 1134 मतों से पराजित किया। जनपद में कुल 2815 मतदाता थे। जिनमें से 2794 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। बीते 9 अप्रैल को हुई मतदान के बाद मंगलवार को मतों की गिनती की गई।

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अक्षय प्रताप सिंह को 1720 मत प्राप्त हुए। जबकि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हरी प्रताप सिंह को 594 मत मिले। वहीं, समाजवादी पार्टी के विजय बहादुर यादव को 380 मत ही मिल सके। इस तरह से जनसत्ता दल लोकतांत्रिक प्रतापगढ़ विधान परिषद सीट पर अपना कब्जा बनाया और अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी एकतरफा चुनाव जीता। विकास भवन सभागार में मतगणना के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। मतगणना तीन राउंड में समाप्त हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ नितिन बंसल और पुलिस अधीक्षक लगातार मतगणना पर नजर बनाए रखे। विधानसभा और विधान परिषद का चुनाव संपन्न कराने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस लिया है।

राजा भैया की बादशाहत कायम
प्रतापगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष के बाद राजा भैया ने एमएलसी के चुनाव में भी नया कीर्तिमान बना दिया है। वर्ष 2004 और 2016 में उन्हें निर्विरोध एमएलसी बनवाने में सफलता मिली। जबकि 2022 के चुनाव में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी से अक्षय प्रताप सिंह एमएलसी निर्वाचित हुए हैं। खास बात यह है कि राजाभैया के प्रयास से गोपालजी पांचवी बार एमएलसी बने हैं। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अपने समर्थक को ऐतिहासिक मतों से जीत दिलाई थी।

वर्ष 1997 में निर्दल प्रत्याशी के रूप में उन्होंने पहली बार अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी को एमएलसी चुनाव मैदान में उतारा था। जिसमें उनकी जीत हुई थी। एमएलसी का दूसरा चुनाव वर्ष 2003 में गोपालजी ने जेल में रहते हुए जीत लिया था। लोकसभा चुनाव में वह सांसद बन गए। इसके बाद राजाभैया की दमदारी से एमएलसी चुनाव में आनंद भूषण सिंह बब्बू राजा ने नामांकन किया था। दूसरे दलों के प्रत्याशियों ने भी नामांकन भरा, लेकिन बाद में अपना परचा वापस ले लिया। जिसके चलते बब्बू राजा निर्विरोध एमएलसी बन गए।

बसपा सरकार में भी लोहा मनवा चुके हैं राजा भैया
बसपा शासनकाल में 2010 में हुए एमएलसी के चुनाव में भी राजाभैया ने पूरे प्रदेश में अपना लोहा मनवाया। उस समय में एक भी सीट सपा नहीं जीत सकी थी। लेकिन गोपालजी बसपा शासनकाल में अकेले सपा के एमएलसी चुने गए थे। रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया ने वर्ष 2016 के एमएलसी चुनाव में रणनीति के तहत प्रयास किया। जिसके चलते गोपालजी निर्विरोध एमएलसी बन गए। वहीं, वर्ष 2022 में अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी पांचवी बार एमएलसी निर्वाचित हुए। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को पराजय का सामना करना पड़ा।

 

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