Rajnath Singh की Czech उप-PM से New Delhi में बैठक, Joint Defence सहयोग को मिली मंजूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चेक गणराज्य के पहले उप-प्रधानमंत्री और उद्योग व व्यापार मंत्री कारेल हावलिचेक ने मंगलवार को दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की। साथ ही, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति’ के तहत सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने मौजूदा सहयोग और कई संयुक्त उपक्रमों की सफल स्थापना का स्वागत किया और रक्षा औद्योगिक संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। बैठक की जानकारी एक्स पर साझा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा आज नई दिल्ली में चेक गणराज्य के उप-प्रधानमंत्री और उद्योग व व्यापार मंत्री कारेल हावलिचेक के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। हमने रक्षा औद्योगिक सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की और विभिन्न संयुक्त उपक्रमों की प्रगति व सफलता को देखकर खुशी हुई। हमने ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देने के लिए ‘भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति’ के तहत इस सहयोग को और बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
बातचीत का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच रक्षा-औद्योगिक सहयोग को और गहरा करने पर था। दोनों पक्षों ने मौजूदा सहयोग को बढ़ाने और इस साझेदारी के ज़रिए भारत की घरेलू रक्षा निर्माण क्षमताओं को आगे बढ़ाने का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने शांति और सुरक्षा से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर भी चर्चा की और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहतर सहयोग की ज़रूरत को माना। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने दोहराया कि भारत-चेक गणराज्य की साझेदारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों के साथ-साथ आपसी भरोसे और सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। हावलिचेक भारत की चार दिन की यात्रा पर हैं और वे अलग-अलग मंत्रालयों, व्यापार प्रतिनिधियों और कारोबारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। अपनी यात्रा के दौरान, वे उद्योगों का दौरा करने के लिए बेंगलुरु और मुंबई भी जाएंगे। यह बैठक दोनों देशों के बीच रक्षा-औद्योगिक सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में एक और कदम है, जिसमें ‘भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति’ सहयोग बढ़ाने और ‘मेक इन इंडिया’ व ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्यों को समर्थन देने के लिए एक रूपरेखा के तौर पर काम कर रही है।



