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चालू सत्र में 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है कच्चे जूट की खरीद

पिछले साल अच्छी फसल रहने के साथ भारतीय जूट निगम (जेसीआई) को चालू जूट वर्ष (2023-24) में बीते साल की तुलना में कम से कम 50 प्रतिशत अधिक कच्चे रेशे (फाइबर) की खरीद होने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह कहा। जेसीआई को सरकार द्वारा किसानों से कच्चे जूट की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद के लिए आदेश दिया गया है।

इस साल औसत एमएसपी मूल्य 5,050 रुपये प्रति क्विंटल है। जेसीआई के महाप्रबंधक के. मजूमदार ने भाषा से कहा कि चालू जूट फसल वर्ष 2023-24 में (जुलाई-जून) कच्चे जूट की खरीद बहुत अधिक है। सितंबर के मध्य तक, हम पहले ही 2.30 लाख क्विंटल जूट खरीद चुके हैं। हमें उम्मीद है कि यह अभियान पूरे साल चलेगा और कुल खरीद पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत या 6-7 लाख क्विंटल से अधिक की होगी।

पिछले वित्त वर्ष के जूट मौसम में जेसीआई ने रिकॉर्ड 4.34 लाख क्विंटल जूट की खरीद की थी। मजूमदार ने कहा, ‘‘इस साल जूट की बंपर फसल हुई है और उत्पादन 91 लाख गांठ होने की उम्मीद है। किसानों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने बांग्लादेश से आने वाले जूट और बोरी पर डंपिंग रोधी शुल्क लगा दी है।

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