लखनऊ में पोस्टर विवाद : राहुल गांधी की तस्वीर को लेकर कांग्रेस पहुंची थाने, प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग
राजधानी लखनऊ में ‘सनातन रक्षा संगठन’ के नाम से लगाए गए रावण के चित्र वाले बैनर और पोस्टरों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि विभाग के अध्यक्ष अली आसिफ जमा रिजवी एडवोकेट ने इन पोस्टरों पर आपत्ति जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने थाना खाला बाजार के थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
नगर निगम की साइटों पर बिना अनुमति पोस्टर लगाने का आरोप
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि शहर में नगर निगम की आरक्षित साइटों पर बिना अनुमति के बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं। पार्टी नेताओं ने इसे सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाला कृत्य बताते हुए मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि पोस्टरों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का चेहरा कथित तौर पर सनातन विरोधी के रूप में प्रदर्शित किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस प्रस्तुति पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि ऐसी सामग्री के जरिए समाज में नकारात्मक संदेश फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
राहुल गांधी की छवि खराब करने का लगाया आरोप
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि विभाग के अध्यक्ष अली आसिफ जमा रिजवी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की छवि खराब करने के लिए समय-समय पर विवादित पोस्टर, पोस्ट और सोशल मीडिया मीम का सहारा लिया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज में वैमनस्यता फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है। उन्होंने प्रदेश में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और प्रचार सामग्री लगाने से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग भी उठाई।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में कई नेता और अधिवक्ता रहे शामिल
थाना खाला बाजार में ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में उत्तर प्रदेश राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के मध्य जोन के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद शैलेन्द्र तिवारी बबलू, तौहीद अहमद नजमी, अभिषेक मिश्रा, आकिल हुसैन, मो. आरिफ, राजन रावत, मुनेश्वर पाल, मो. शारिक और अलीम सिद्दीकी समेत कई अधिवक्ता शामिल रहे। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।



