PM Modi ने Ekta Nagar में देखी भव्य Unity Parade, कहा- सरदार पटेल के बिना आज के भारत की कल्पना भी मुश्किल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के एकता नगर स्थित परेड ग्राउंड में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी वहां मौजूद थे। ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ भारत के राजनीतिक और राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को सम्मान देता है, और एक मजबूत व एकजुट देश के उनके दूरदर्शी विचारों का जश्न मनाता है। किसी भी देश के लिए आज़ादी बहुत ज़रूरी है। जब आज़ादी होती है, तो देश अपना भविष्य खुद तय करता है। लेकिन गणतंत्र से ही आज़ादी को सही दिशा मिलती है। गणतंत्र हमें संविधान के दायरे में रहकर अपने फ़ैसलों को आगे बढ़ाने का रास्ता दिखाता है।
संविधान हमें जनता के प्रति जवाबदेह बनाता है, और एकता हमें एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की ताक़त देती है। इसलिए, अब हमारे देश में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और एकता दिवस—ये तीनों राष्ट्रीय त्योहार—पूरे उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। इस दिन और इससे जुड़ी वार्षिक परंपराओं के तहत, देशभर में सरकारी कार्यालयों और नागरिकों द्वारा देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ की शपथ ली जाती है। सरदार वल्लभभाई पटेल (31 अक्टूबर 1875 – 15 दिसंबर 1950) एक दूरदर्शी बैरिस्टर, राजनेता और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें राष्ट्रीय एकीकरण का मुख्य शिल्पकार माना जाता है, क्योंकि उन्होंने सैकड़ों बिखरी हुई रियासतों को सफलतापूर्वक एक साथ जोड़कर एक अखंड गणराज्य का निर्माण किया।
इस उत्सव का मुख्य आकर्षण एक भव्य ‘यूनिटी परेड’ होगी, जिसमें 20 सुरक्षा बलों के दस्ते मार्च करेंगे। परेड कमांडर सुबोध मानकर के कुशल नेतृत्व में, CRPF, BSF, ITBP, SSB और CISF सहित विभिन्न सुरक्षा बल अनुशासित और तालमेल भरे कदमों के साथ मार्च करेंगे। इस वर्ष की परेड में विशेष नक्सल-विरोधी इकाइयों को भी सम्मान के साथ शामिल किया जाएगा। ये इकाइयां आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और देश की आंतरिक शांति के लिए दिए गए बलिदानों का प्रतीक हैं।




