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Panchayat Sachiv से 1.26 करोड़ रूपये की रिकवरी
इसे कहते हैं प्रेस नोट: दरअसल आजकल परम्परा हो गई कि कोई भी प्रेस नोट किसी अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित नहीं होता है। इस कम्प्यूटर के जमाने में कोई हस्ताक्षर नहीं करना चाहता है। दरअसल उससे बचत भी रहती है। सारी राजनीतिक पार्टीयां अपने कहे-लिखे से इसीलिए पलट जाती हैं।

यह वेबसाइट बगैर हस्ताक्षरित किसी भी नोट/प्रेस नोट पर विश्वास नहीं करती और उनका प्रकाशन इसीलिए नहीं करती।
यह टीम पंचायती राज के अतिरिक्त प्रमुख सचिव, चंचल कुमार तिवारी जी की इस पहल का स्वागत करते हुए उनके द्वारा जारी प्रेस-नोट को यहॉं प्रस्तुत कर रही है। Panchayat Sachiv के खिलाफ की गई कार्रवाई प्रशंसा योग्य है।




