राज्य

100 करोड़ की ठगी के आरोपी परिवार की एक गलती ने खोला राज, मोबाइल बना पुलिस का सबसे बड़ा सुराग

देश भर में लगभग 100 करोड़ ठगने वाला परिवार वारदात के बाद एक चूक कर ही बैठा, यहीं भूल पुलिस के लिए वरदान बनी। शातिर का मोबाइल पुलिस के हत्थे चढ़ते ही कड़ियां एक दूसरे से जुड़ती चली गईं और फिर कन्नौज निवासी ठग परिवार पकड़ा जा सका। इनके कब्जे से 14 लाख की नकदी और लाखों के जेवरात मिले हैं।

दरअसल, सीतापुर शहर में लगभग 35 लाख ठगकर कन्नौज निवासी शातिर रोहित बाजपेई, उसकी पत्नी अन्नू बाजपेई और पुत्री पूर्णिमा फरार हो गए थे। केस दर्ज होने के बाद एसपी सीतापुर अंकुर अग्रवाल ने टीम सहित खुद मोर्चा संभाला। सूत्रों की मानें, भाग रहे ठग परिवार ने चंबल नदी के नजदीक पहुंचने पर अपना मोबाइल फेक दिया, जो नदी में न गिरकर पार्क में गिर गया। इसे राहगीर ने उठाया, ऑन होते ही पुलिस अलर्ट मोड में आ गई।

मोबाइल हत्थे चढ़ते ही हर परत खुलती चली गई। एसपी अंकुर अग्रवाल बताते हैं कि वर्ष 2005 से धोखाधड़ी करने वाले रोहित बाजपेई को सात प्रदेशों की पुलिस ढूंढ रही थी, पकड़े गए आरोपी के कब्जे से 14 लाख की नकदी और पांच लाख से अधिक के जेवरात बरामद हुए हैं, अन्य प्रदेशों में दर्ज अभियोगों के चलते संबंधित थानों की पुलिस को अवगत करा दिया गया है।

पूर्णिमा को मिली राहत, शेल्टर होम भेजने की तैयारी

ठगी का शिकार रामनरेश जायसवाल, उनके रिश्तेदार सुधीर आदि का कहना है कि वारदात में रोहित की पुत्री पूर्णिमा भी बराबर की भागीदार है। लेकिन उसे मुकदमें में न शामिल करने से यही लड़की अपने माता-पिता को छुड़ाने में मददगार बनेगी। ऐसे में नगर कोतवाल डीपी पाण्डेय का कहना है कि पूर्णिमा की उम्र 18 वर्ष से कम है, उसे शेल्टर होम भेजने की तैयारी की जा रही है, आगे का निर्णय न्यायालय करेगा।

जापान के कनेक्शन को भी खंगालेगी पुलिस

बताते हैं कि पूर्णिमा का आना-जाना कई बार जापान हुआ है, बड़ा सवाल है कि जब शातिर परिवार के पास केवल 14 ही लाख रुपयों की नकदी मिली है, तो सालों से ठगी कर रहे परिवार की बाकी की संपत्ति कहां है। माना जा रहा है कि पुलिस पूर्णिमा के जापान जाने वाले कनेक्शन को भी जल्द खंगालेगी।

इन-इन स्थानों पर बदलते रहे ठिकाना

आगरा, कोटा, बैतूल, चेन्नई आदि स्थानों पर गाड़ियां बदलकर रोहित और उसका परिवार छुपते रहे। ठगी के पैसों से रोहित बाजपेई ने बिना बिल के छह लाख सोने के जेवर और पचास हजार के दो मोबाइल खरीदे, बड़ी रकम चेन्नई के पांच सितारा होटल में खपाई गई।

इनको किया गया पुरस्कृत

एसपी अंकुर अग्रवाल ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का ईनाम देने की घोषण की। इसमें कोतवाली नगर टीम के अलावा क्राइम ब्रांच/ स्वाट टीम आदि शामिल है।

Related Articles

Back to top button

mahjong ways

slot777