राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस का बड़ा सवाल- चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी क्यों नहीं, गवाह कैसे?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस महासचिव और प्रभारी संचार जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि जांच में पूर्व राम मंदिर न्यास महासचिव चंपत राय जैसे जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश को जवाब मिलना चाहिए कि चढ़ावा चोरी की जवाबदेही कब तय होगी।
105 घटनाओं का हवाला देकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए पोस्ट में दावा किया कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की 105 घटनाएं सीसीटीवी में सामने आईं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में घटनाओं के बावजूद जांच केवल छोटे आरोपियों तक सीमित क्यों है। कांग्रेस नेता ने पूछा कि क्या जांच का उद्देश्य केवल चढ़ावा चोरी करने वाले लोगों को पकड़ना है या उन लोगों की भी जवाबदेही तय करना है, जिनकी निगरानी और संरक्षण में कथित तौर पर ये घटनाएं हुईं।
चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर सवाल
रमेश ने सवाल किया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी क्यों नहीं हैं और उन्हें गवाह कैसे बनाया गया? उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों पर संरक्षण या लापरवाही के सवाल उठ रहे हैं तो जांच उन तक क्यों नहीं पहुंची। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि 105 घटनाओं के बावजूद केवल आठ आरोपी ही कैसे हो सकते हैं।
4 जून से 25 जून तक एफआईआर में 21 दिन की देरी पर सवाल
कांग्रेस महासचिव ने प्राथमिकी दर्ज होने में हुई देरी को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि 4 जून को चोरी की रकम से संबंधित वीडियो चंपत राय तक पहुंचा था, 5 जून को सीसीटीवी फुटेज देखे गए और 25 जून को एफआईआर दर्ज हुई। रमेश ने पूछा कि इन 21 दिनों की देरी का पूरा सच देश के सामने क्यों नहीं रखा गया।
79.85 लाख की बरामदगी पर भी कांग्रेस ने घेरा
जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि चोरी की 105 घटनाओं के सामने आने के बावजूद सिर्फ 79.85 लाख रुपये की रकम बरामद होने के बाद मामले को खत्म करने की कोशिश क्यों की जा रही है।उन्होंने कहा कि जब चढ़ावा भगवान राम के नाम पर आया था तो यह पता लगाना जरूरी है कि कुल कितना चढ़ावा चोरी हुआ। कांग्रेस ने सवाल किया कि पूरी रकम का पता चले बिना जांच समाप्त करने की जल्दबाजी क्यों की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
कांग्रेस ने एक बार फिर इस मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग दोहराई। पार्टी का कहना है कि ऐसी जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है और जिम्मेदारी तय हो सकती है।
पीएम मोदी की चुप्पी पर भी निशाना
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि देशवासियों की आस्था से जुड़े इस मामले पर वह चुप्पी कब तोड़ेंगे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जांच को बड़े जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने से रोका जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच को लेकर उसके कई सवाल हैं और इनका जवाब सामने आना चाहिए। पार्टी ने दोहराया कि केवल निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के जरिए ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी की घटनाओं के लिए वास्तविक रूप से कौन जिम्मेदार है।



